पैरा मिलेट्री फोर्स से ज्यादा होमगार्ड्स पर भरोसा

Allahabad Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर पैरा मिलेट्री फोर्स के दम पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव का दावा किया जाता रहा है। मगर अबकी धांधली की शिकायतों के बीच ज्यादातर मतदान केंद्रों से पैरा मिलेट्री फोर्स की जगह होमगार्ड्स की तैनाती पर लोग सवाल उठाते मिले। यमुनापार के कई मतदान केंद्रों पर धांधली की शिकायत के बीच होमगार्ड्स और पुलिसवाले सोते या फिर एक कोने में बैठकर सुस्ताते हुए मिले।
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इस चुनाव में पैरा मिलेट्री फोर्स की बहुत कम बूथों पर तैनाती पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बुधवार को अमर उजाला टीम ने भी यही देखा और लोगों के सवालों का सामना किया। अफसर कहते हैं कि बीएसएफ, सीआरपीएफ समेत दूसरी पैरा मिलेट्री फोर्स की तैनाती तो की गई है लेकिन सिर्फ संवेदनशील बूथों पर। मगर इस फैसले पर उंगली क्यों उठ रही है, यह तमाम मतदान केंद्रों पर जाने और वहां के लोगों से बातचीत में साफ हो गया।
अमर उजाला टीम शाम करीब चार बजे लालापुर में श्री हरिशंकर पांडेय इंटर कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पहुंचीं तो कुछ लोगों ने गेट पर ही रोककर शिकायत शुरू कर दी। भाजपा अभिकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बीएलओ से लेकर एक पार्टी के अभिकर्ता तक बूथ के भीतर घुसकर वोटिंग करा रहे हैं। विरोध पर वे मारपीट करने पर आमादा हैं। बूथ पर दो सिपाही और होमगार्ड्स तैनात हैं मगर वे इस खेल से आंखें मूंदे हुए हैं। यहां भी तमाम लोगों ने पैरा मिलेट्री फोर्स की तैनाती नहीं करने पर गुस्से का इजहार किया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मिलीभगत से यह सब हो रहा है।
इसी तरह ओठगी समेत अमर उजाला टीम ने लालापुर, शंकरगढ़, बारा, घूरपुर, नैनी, औद्योगिक क्षेत्र के 31 मतदान केंद्रों का जायजा लिया। इनमें से कुछ में ही पैरा मिलेट्री फोर्स के जवान बाहर टहलते दिखे। औद्योगिक क्षेेत्र के तेंदुआवन गांव स्थित जिस मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान को लेकर झगड़ा हुआ, वहां भी सेंट्रल फोर्स की तैनाती नहीं की गई थी। यूपी पुलिस के जवान मनमानी के आगे लाचारी जाहिर करते नजर आए। मतदान केंद्रों पर चल रहे खेल के बारे में बात करने पर पुलिसकर्मी मुस्कुराते हुए कहते मिले कि यह तो सरकार का राज-काज है। हम क्या कर सकते हैं। ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि जानबूझकर सेंट्रल फोर्स कम मांगी गई थी। हालांकि पुलिस विभाग के चुनाव नोडल अधिकारी अरुण पांडेय और एसपी यमुनापार लल्लन राय का कहना था कि केवल इलाहाबाद में तो चुनाव हो नहीं रहा। जितनी फोर्स मिली है, उतने से काम चलाया गया है।
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