बहरिया में चार लोगों को काट डाला

Allahabad Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। शहर से तकरीबन 32 किलोमीटर दूर गंगापार के बहरिया इलाके में सोमवार शाम चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अहिराई दलित बस्ती में घर के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने के झगड़े में एक ही परिवार के चार लोगों को धारदार हथियार से काट डाला गया। मरने वालों में दो सगे भाई, उनका एक बेटा और बहनोई है। दो लोग घायल हैं। उनमें एक की दशा गंभीर है। चार लोगों के कत्ल की खबर से चुनावी तैयारी में जुटे पुलिस अफसरों में खलबली मच गई। आईजी और डीआईजी समेत कई अफसर पहुंच गए। इस बीच सभी हमलावर घर छोड़कर भाग गए।
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मृतकों में अहिराई दलित बस्ती निवासी रामबरन (58), उसका भाई रामशरण (53), रामबरन का पुत्र राजीव (35) और बहनोई पन्नालाल (45) है। रामबरन और रामशरण एक ही घर में रहते थे। तीन दिन पहले गांव की कच्ची सड़क का डामरीकरण शुरू हुआ तो उन्होंनें अपने घर के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवा लिया ताकि वहां आने पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो जाए। उनके पड़ोसी कल्लू, हरिराम, जगत भी अपने घर के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने पर अड़े तो रामबरन और रामशरण ने विरोध किया। इस मसले पर तीन दिन दोनों पक्ष के बीच तनातनी थी। रविवार को भी झड़प हो गई थी। कल्लू और हरिराम ने कह दिया कि वे स्पीड ब्रेकर जरूर बनवाएंगे। सोमवार को उन्होंने अपने घर के सामने ब्रेकर बना भी लिया।
स्पीड ब्रेकर बनवाने का पता चलने पर शाम करीब पांच बजे रामशरण भतीजे राजीव के साथ कल्लू के घर की ओर गया। वहां उन दोनों की विरोधी गुट के लोगों से कहासुनी हो गई। विरोधियों ने झड़प के बाद रामशरण और राजीव पर हमला कर दिया। चाचा-भतीजा भागे मगर हमलावरों ने कुल्हाड़ी और फरसे से उन पर घातक प्रहार कर दिए। हल्ला मचने पर रामबरन भागकर उधर पहुंचा तो उसे भी जमकर पीटने के बाद काट डाला गया। पड़ोसी गांव माधोपुर े रामबरन का बहनोई पन्नालाल अपने बेटे विकास के साथ आया तो उन्हें भी घेरकर धारदार हथियारों का निशाना बनाया गया। इसी बीच खून-खराबा होने की खबर पाकर सिकंदरा चौकी से सिपाही आए तो हमलावरों ने उन्हें भी खदेड़ लिया। सिपाहियों से सूचना पाकर करीब आधे घंटे बाद बहरिया समेत कई थानों की पुलिस पहुंची तो हमलावर भाग गए थे। हमले में रामबरन, रामशरण, राजीव और पन्नालाल की मौत हो चुकी थी। हमले में रामशरण का बेटा नवनीत और पन्नालाल का पुत्र विकास घायल था। इनमें विकास की हालत बेहद गंभीर थी। पुलिस ने विरोध के बीच चारों शव और घायल विकास को उठा लिया। शव पोस्टमार्टम हाउस और घायल विकास को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार कत्ल की खबर पाकर रात में पहले एसपी गंगापार शफीक अहमद, फिर डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव और आईजी एलवी एंटोनी देव कुमार मौके पर पहुंचे। आरोपियों के घरों पर ताले लटके थे। मारे गए लोगों के घरवाले पुलिस को खरी-खोटी सुना रहे थे। पुलिस ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिया कि सभी हत्या आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी को तीन टीम बना दी गई।
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