हॉ़स्टल के ‘दबंगों’ ने की अभद्रता, अधीक्षक ने दिया इस्तीफा

Allahabad Updated Wed, 22 Jan 2014 05:44 AM IST
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जीएन झा छात्रावास में मंगलवार को अवैध अंत:वासियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंचे सूर्य नारायण सिंह ने अभद्रता के बाद अधीक्षक पद से इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि अभद्रता करने वाले ज्यादातर अवैध अंत:वासी हैं। छात्राें ने भी एलाटमेंट में अनियमितता का आरोप लगाया है। हॉस्टल में शिक्षक और अंत:वासियों के बीच चल रहे विवाद के दौरान डीएसडब्ल्यू और चीफ प्रॉक्टर समेत अनेक अफसर तथा फोर्स मौजूद रही। गौर करने वाली बात यह भी है कि वार्डेन प्रोफेसर एसके शर्मा भी छुट्टी पर रहे। ऐसे में अधीक्षक के इस्तीफे के बाद हॉस्टल में कार्रवाई नहीं हो सकी। जब तक अधीक्षक का विवाद हल नहीं हो जाता आगे कार्रवाई भी नहीं होगी। बुधवार को ताराचंद हॉस्टल में अवैध अंत:वासियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हॉस्टलों में अवैध अंत:वासियों के खिलाफ कार्रवाई के दूसरे चरण में मंगलवार को विश्वविद्यालय के अफसर भारी फोर्स के साथ जीएन झा हॉस्टल पहुंचे लेकिन पहले दिन ही कार्रवाई फ्लाप हो गई। अधीक्षक पर काफी पहले से दबाव बन रहा था। इसलिए कार्रवाई से पहले भी उन्होंने इस्तीफा दे दिया था लेकिन डीएसडब्ल्यू ने उसे अस्वीकार कर दिया। डीएसडब्ल्यू की ओर से भरोसा दिलाए जाने के बाद अधीक्षक कार्रवाई के लिए पहुंचे लेकिन एलाटमेंट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि सिंगल सीटेड को डबल तथा डबल सीटेड कमरे को सिंगल कर दिया गया है। डीएसडब्ल्यू और चीफ प्रॉक्टर ने हस्तक्षेप करते हुए मौके पर ही सूची दुरुस्त करने के लिए कहा। इसके बाद हॉस्टल के लॉन में छात्रों की मौजूदगी में सूची ठीक जाने लगी लेकिन कुछ अंत:वासियों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। उनकी अधीक्षक के साथ जमकर तू-तू-मैं-मैं हुई। इसके बाद अधीक्षक वहां से चले गए। डीएसडब्ल्यू को लिखे इस्तीफे में अधीक्षक ने विश्वविद्यालय के अफसरों की मौजूदगी में अभद्रता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अभद्रता करने वाले ज्यादातर अवैध अंत:वासी हैं। उनमें से कई वर्षों से हॉस्टल में जमे हैं। उन्होंने यह भी लिखा है कि दोबारा उन्हें इस तरह की जिम्मेदारी न दी जाए। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर जगदंबा सिंह का कहना है कि बिना वार्डेन और अधीक्षक के हॉस्टल में रेड नहीं डाली जा सकती। अधीक्षक का विवाद दूर होने के बाद ही जीएन झा में कार्रवाई की जाएगी। अवैध अंत:वासियों के खिलाफ कार्रवाई के पहले चरण में 22 दिसंबर को भी जीएन झा हॉस्टल में रेड पड़नी थी। फोर्स भी पहुंच गई थी लेकिन उस दिन अधीक्षक सूर्य नारायण सिंह छुट्टी पर थे। इसकी वजह से कार्रवाई नहीं हो पाई। इसके बाद पहले चरण की कार्रवाई भी रोक दी गई। जीएन झा में कार्रवाई नहीं होने के कारण वैध छात्रों में खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे कई छात्र हॉस्टल एलाट होने के बाद भी भटक रहे हैं। इसके अलावा अवैध लोगों की वजह से आए दिन परेशानी भी होती है। उनका आरोप है कि ज्यादातर अवैध अंत:वासी एक छात्र नेता के समर्थक हैं। उसी छात्र नेता के सह पर जानबूझकर इस तरह का विवाद खड़ा किया गया जिससे कार्रवाई रुक जाए।

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