जमीन के लिए नई संस्थाओं को देना होगा शुल्क

Allahabad Updated Wed, 27 Nov 2013 05:40 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। माघ मेला में नई संस्थाओं को जमीन के लिए शुल्क जमा करना होगा। हालांकि यह व्यवस्था पिछली बार भी लागू थी लेकिन तब नई संस्थाएं बहुत कम आई थीं और जमीन के लिए मारामारी भी नहीं थी। कुंभ बीते साल भर भी नहीं हुए और माघ मेले का आयोजन करीब आ गया। ऐसे में आवेदन करने वाली नई संस्थाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। जमीन के लिए उन्हें शुल्क तो जमा करना ही होगा, सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ेगा, क्योंकि सुविधा आवंटन में पुरानी संस्थाओं को वरीयता दी जाएगी।
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नई संस्थाओं से जमीन के लिए शुल्क लिए जाने पर अंतिम फैसला माघ मेला सलाहकार समिति की बैठक में होगा। हालांकि इस बैठक में सिर्फ औपचारिक रूप से मुहर लगनी है, बाकी सब तय हो चुका है। प्रस्ताव है कि 200 वर्ग मीटर जमीन के लिए पांच हजार रुपये शुल्क लिया जाए। अगर जमीन का क्षेत्रफल अधिक है तो उसी अनुपात में शुल्क बढ़ा दिया जाए। नई संस्थाओं को दोहरी मुसीबत झेलनी होगी। सुविधा आवंटन में पुरानी संस्थाओं को वरीयता दी जाएगी। अगर कुछ बचा तो नई संस्थाओं के हिस्से आएगा, वरना उन्हें सुविधाओं के लिए भी पैसे खर्च करने होंगे। फिलहाल जमीन का आवंटन 15 दिसंबर के बार शुरू होगा। जमीन आवंटन के लिए मेला क्षेत्र में समतलीकरण का काम शुरू करा दिया गया है।
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