मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों से भिड़े परिजन

Allahabad Updated Wed, 27 Nov 2013 05:40 AM IST
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इलाहाबाद। स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में मंगलवार को जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच फिर झगड़ा हो गया। चार दिन पहले गंभीर रूप से जली युवती की मंगलवार शाम मौत के बाद उसके परिजन जूनियर डॉक्टरों से भिड़ गए। वे इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ले जाने पर अड़ गए। पुलिस के सामने भी परिजनों ने इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड के बाहर जूनियर डॉक्टरों से मारपीट की। उन्हें ऑपरेशन थिएटर और बर्न वार्ड के भीतर तक दौड़ाकर मारपीट की। दो थानों की पुलिस ने आकर गुस्साए परिवार के लोगों को बाहर निकाला।
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प्रतापगढ़ में बाघराय इलाके में रहने वाले सुनील द्विवेदी की पत्नी मनीषा (35) शनिवार सुबह आग की चपेट में आकर जल गई थी। उसके सबसे छोटे बेटे श्लोक ने गैस चूल्हे का नॉब खोल दिया था। कुछ देर बाद मनीषा ने चाय बनाने के लिए माचिस की तीली सुलगाई तो किचन में गैस भरी होने के कारण आग भड़क उठी। मनीषा लपटों से घिरी तो उसकी चीख सुनकर पति सुनील बचाने के लिए दौड़ा। उसका भी चेहरा और दोनों हाथ झुलस गए। मनीषा को प्रतापगढ़ से लाकर एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया। 80 फीसदी से ज्यादा बर्न होने के कारण मनीषा की हालत बिगड़ती गई। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे उसकी सांस थम गई। इसके बाद मनीषा के पति सुनील और भांजे संदीप पांडेय की जूनियर डॉक्टरों से झड़प हो गई। वे कहने लगे कि ठीक से इलाज नहीं होने से जान चली गई। वे शव को बिना पोस्टमार्टम कराए घर ले जाने पर अड़े तो डॉक्टरों ने एसआरएन चौकी में सूचना दी। पुलिसकर्मी पहुंचे तो उनके सामने ही मनीषा के रिश्तेदारों ने जूनियर डॉक्टरों को अपशब्द कह दिए। झड़प होने लगी तभी मनीषा के देवर फौजी अविनाश समेत कई लोगों ने आकर जूनियर डॉक्टरों पर हमला बोल दिया। डॉक्टरों को ओटी तक दौड़ाया। अस्पताल में झगड़े की खबर पाकर कोतवाली और खुल्दाबाद पुलिस पहुंच गई। पुलिस शव को कब्जे में लेकर परिजनों को पुलिस चौकी पर ले गई। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष सिंह भी आ गए। उनका कहना है कि परिवार के लोग बेवजह डॉक्टरों से झगड़ा करने लगे। डॉक्टरों ने तो बेहद संयम बरता वरना बात बढ़ जाती। इलाज में कोई कमी नहीं की गई। गंभीर रूप से जली मनीषा को भरसक प्रयास के बावजूद बचाया नहीं जा सका। उधर. मनीषा के पति सुनील ने आरोप लगाया कि बार-बार बुलाने पर भी डॉक्टर मनीषा को देखने नहीं आ रहे थे इसलिए झगड़ा हो गया।
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