विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की मतगणना और परिणाम पर रोक

Allahabad Updated Tue, 26 Nov 2013 05:40 AM IST
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इलाहाबाद। छात्रनेता कपिल यादव का अंतिम क्षणों में नामांकन रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चुनाव की मतगणना और परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। हालांकि मतदान पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। छात्रनेता कपिल यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को यह छूट दी है कि वह चाहे तो कपिल यादव को चुनाव में लड़ने की अनुमति दे अथवा न दे। न्यायालय ने विश्वविद्यालय को 27 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कपिल यादव को इसके अगले दिन प्रतिउत्तर देना होगा। याचिका पर अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। कपिल यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपना नामांकन निरस्त करने को चुनौती दी है। आपात स्थिति में दाखिल की गई याचिका पर देरशाम को न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी ने अपने चैंबर में सुनवाई की। कपिल यादव की आपत्ति थी कि विश्वविद्यालय के घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 23 नवंबर को प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जानी थी। मगर अंतिम सूची 24 नवंबर को जारी की गई और उसे बताया गया कि अध्यक्ष पद के लिए उसका नामांकन रद्द कर दिया गया है। आरोप है कि उसे जानबूझ कर चुनाव लड़ने से रोकने के लिए उसका एमए प्रथम वर्ष का प्रवेश निरस्त किया गया है। विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि कपिल यादव ने अपने हलफनामे में कहा है कि उसने एमए एमडीएम के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है जबकि वह मानव शास्त्र विषय से एमए की डिग्री पूर्व में हासिल कर चुका है। हलफनामे में इस तथ्य को छिपाया गया है। इसकी जांच करने पर परीक्षा नियंत्रक ने 24 नवंबर को उसका प्रवेश निरस्त कर दिया। चूंकि प्रवेश निरस्त हो चुका है इसलिए चुनाव के लिए नामांकन भी निरस्त कर दिया गया। विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और याची के पास चुनाव परिणाम को चुनौती देने का मौका होगा इसलिए चुनाव प्रक्रिया को जारी रहने दिया जाए। कोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 27 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का समय देते हुए कहा है कि इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन चाहे तो कपिल यादव को चुनाव लड़ने की अनुमति दे अथवा नहीं। चीफ प्राक्टर प्रोफेसर आरके उपाध्याय का कहना है कि प्रत्याशियों के नामों वाली ओएमआर शीट छप चुकी है, इसमें कोई बदलाव संभव नहीं है। कोर्ट ने मतदान के बाद मतगणना और परिणाम पर अगली सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।
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