ओबीसी पर ‘मेहरबानी’ से भड़के सामान्य छात्र, आयोग पर जाम

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Allahabad Published by: Updated Thu, 11 Jul 2013 05:30 AM IST

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इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सीटों के आवंटन से नाराज छात्रों ने बुधवार को जमकर बवाल किया। प्रतियोगी छात्रों का आरोप है कि ओबीसी को सामान्य की सीटें दी जा रही हैं। छात्रों ने मम्फोर्डगंज से लेकर लोक सेवा आयोग तक जुलूस निकाला और फिर जीटी रोड पर जाम लगा दिया। जाम साढ़े पांच घंटे तक रहा जिसके कारण हजारों वाहन फंसे रहे। छात्र आयोग के अध्यक्ष को बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन उनसे वार्ता करने के लिए मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने लाठियां चलवा दीं। इससे छात्र भड़क गए। नाराज छात्र बारिश में भी जमे रहे।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में नई आरक्षण व्यवस्था 27 मई से लागू की गई। इसके तहत परीक्षा के हर स्तर में अनारक्षित वर्ग की श्रेष्ठता सूची में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य के समकक्ष या ऊपर होने पर उसी श्रेणी में बुलाने की व्यवस्था की गई। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे उनका भारी नुकसान हो रहा है। अनारक्षित वर्ग की आधे से अधिक सीटों पर ओबीसी के अभ्यर्थी कब्जा जमा ले रहे हैं। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के हिस्से में 25 फीसदी से भी कम सीटें आ रही हैं। ओबीसी में भी एक जाति विशेष का पक्ष लिए जाने का आरोप लगाया गया। छात्र नई व्यवस्था को निरस्त कर पुरानी व्यवस्था को लागू कराने की मांग को लेकर मम्फोर्डगंज में जुटे। वहां से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। बाद में हजारों की तादात में छात्र लोक सेवा अयोग चौराहे पर जुटे और जाम लगा दिया। छोटे-बड़े वाहनों को उधर से गुजरने नहीं दिया गया। छात्र अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे।

छात्रों के प्रतिनिधि मंडल को दो बार वार्ता के लिए बुलाया गया। प्रतिनिधियों से सदस्यों से बात करने को कहा गया लेकिन वे इसके लिए राजी नहीं हुए। छात्रों ने कहा कि वे अध्यक्ष से ही बात करेंगे।
छात्र अध्यक्ष से वार्ता के बिना जाम खोलने को राजी नहीं हुए। छात्रों से बात करने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अफसर भी पहुंचे। छात्र किसी की बात सुनने को राजी नहीं हुए। जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। पहले तो छात्र पीछे हट गए लेकिन बाद में फिर से चौराहे पर आ जुटे।
बारिश भी छात्रों के हौसले को डिगा नहीं सकी। छात्र पीछे हटने को राजी नहीं हुए। छात्र घंटों बारिश में भीगते हुए भी डटे रहे। आखिरकार अध्यक्ष ने शाम को उनको बातचीत का न्योता दिया। छात्रों ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय से उन्हें अवगत कराया। अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में विधिक राय लेंगे।
छात्रों ने आयोग को 27 मई का आदेश बदलने के लिए 14 जुलाई तक का समय दिया है। चेतावनी दी है कि इस मामले में कोई कार्रवाई न हुई तो 15 जुलाई को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर सभा बुलाई जाएगी। इसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

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