बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

रामबाग में भी 42 दुकानें जमींदोज

Allahabad Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
इलाहाबाद। रामबाग में नाले और सड़क के बीच बनीं 42 दुकानें भी शुक्रवार को ध्वस्त कर दी गईं। इनमें आठ दुकानें अवैध तरीके से सड़क पटरी पर खड़ी कर ली गई थीं। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की पूर्व सूचना होने के कारण ज्यादातर दुकानदारों ने सामान हटा लिया।
विज्ञापन

रामबाग हनुमान मंदिर से लेकर रेलवे स्टेशन के बीच में सड़क किनारे बनीं दुकानों की उल्टी गिनती महीनेभर पहले ही शुरू हो गई थी। सुबह नगर निगम, एडीए की संयुक्त टीम पांच बुल्डोजर लेकर मौके पर पहुंची तो दुकानदारों ने कोई विरोध भी नहीं जताया। पुलिस बल की गैरमौजूदगी में सुबह करीब आठ बजे शुरू हुए ध्वस्तीकरण में एक-एक कर ढाई घंटे के अंदर सभी दुकानें ढहा दी गईं। सुबह करीब 10 बजे पुलिस बल पहुंचने तक नगर निगम से आवंटित 28 स्थायी दुकानें, छह अस्थायी और आठ अवैध दुकानें जमींदोज की जा चुकी थीं। आवंटित दुकानों के लाइसेंस पहले ही रद किए जा चुके हैं। दुकानों के हटने से सड़क चौड़ी दिखने लगी है। एक दुकान का मामला न्यायालय में लंबित है। सो, उसे छोड़ दिया गया। इसे लेकर दुकानदारों में नाराजगी रही। रामबाग चौराहे के पास रोड पटरी पर ही चार कमरे के एक मकान को भी ढहा दिया गया। यह मकान नगर निगम से सेवानिवृत्त मोहम्मद इकबाल के नाम आवंटित था। रोड पटरियों को खाली कराने के क्रम में इसका आवंटन भी रद किया जा चुका है। बताते हैं कि मकान में किराएदार रह रहे थे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार, एसीएम-तृतीय, अतिक्रमण प्रभारी एसएल यादव, एडीए अफसर सत शुक्ला, निरीक्षक पीयूष मोहिले, अख्तर हुसैन आदि शामिल रहे।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ ही मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। अपराह्न दो बजे तक करीब 70 ट्रक मलबा हटाया जा चुका था। इसके बाद महाकुंभ मेला में जाने वालों की भीड़ बढ़ने के बाद मलबा हटाने का काम रोक दिया गया।
रामबाग में ध्वस्तीकरण के साथ ही जवाहर लाल नेहरू रोड और बालसन चौराहे पर आवंटित दुकानों की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। दुकानों के लाइसेंस रद करने के नोटिस शुक्रवार को जारी कर दिए गए। नगर निगम के विधि सलाहकार शिवलखन यादव के मुताबिक दोनों सड़कों पर नगर निगम की 24 दुकानें हैं। सभी को नोटिस जारी किया गया है। एडीए की 18 दुकानें हैं। वह पहले ही नोटिस दे चुका है। दूसरी ओर पूरे शहर में रोड पटरियों के किनारे की ढहाई जा रही दुकानों के बाद भी पुरानी जीटी रोड के तंग रास्ते पर डफरिन अस्पताल के सामने स्थित 70 गुमटियों को लेकर नगर निगम कोई निर्णय नहीं कर रहा है। इसे लेकर निगम अफसरों पर आरोप लगने भी शुरू हो गए हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us