शहीद बाबूलाल के गांव को सीएम का सलाम

विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
इलाहाबाद। वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा.. इसी गगन चुंभी नारों के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को शहीदों के गांव को सलाम करने पहुंचे। नक्सली हमले में शहीद शिवलाल का पूरा के बाबूलाल की पत्नी रेखा और पिता मुन्नी लाल के आंसू पोंछे। सीएम ने बाबूलाल के चित्र पर फूल चढ़ाकर नमन किया और परिवार को एक एकड़ जमीन के पट्टे के कागजात और बीस लाख रुपये का चेक दिया। इससे पहले वह बडूपुर निवासी शहीद सुभाष यादव के घर पहुंचे। परिजनों से बातचीत कर उन्हें बीस लाख रुपये की आर्थिक मदद दी तथा हर स्तर पर सहयोग का वादा किया।
विज्ञापन

बाबूलाल, सुभाष समेत तमाम शहीदों की वीरता याद कर मुख्यमंत्री की आंखें नम हो गईं। बाबूलाल के परिवार से मिलने पहुंचे तो उन्हें रोता बिलखता देख सीएम उनके साथ जमीन में ही बैठ गए। उन्होंने कहा कहा कि पूरे देश को ऐसे वीर सपूतों को सलाम करना चाहिए। राज्य सरकार देश के लिए कुर्बान होने वाले ऐसे वीरों को हमेशा नमन करती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार शहीद के परिवार की हर संभव मदद करेगी। शुक्रवार को सीएम अखिलेश, खाद्य रसद एवं कारागार मंत्री रघुराज प्रताप सिंह के साथ साढ़े ग्यारह बजे हेलीकाप्टर से कुंडा पहुंचे। वह सीधे सैनिक सुभाष यादव के घर गए। शहीद के पिता, मां, बहन, भाई, दादा, चाचा से अलग-अलग बात की। सभी को आश्वस्त किया कि वह हर कदम साथ हैं। उन्होंने सुभाष के परिजनों को बीस लाख की आर्थिक मदद दी। कहा कि कभी भी समस्या आने पर सीधे बताएं। हर स्तर पर मदद की जाएगी। उन्होंने प्रभारी डीएम से सैनिक के नाम से स्मारक बनाने के लिए प्रस्ताव भेजने एवं गांव को अगले वर्ष लोहिया समग्र गांव में चयनित कर विकास करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव मुनीर अहमद के घर भी गए।

प्रतापगढ़ में शहीद के परिवार को आर्थिक मदद देने के बाद मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से नवाबगंज के शिवलाल का पूरा गांव पहुंचे। अखिलेश यादव केपहुंचते ही शहीद के घर एक बार फिर मातमी चीखें गूंजने लगीं। नक्सली हमले में मारे गए बाबू लाल की पत्नी रेखा, मां जगपती देवी और बहनें बिलख पड़ीं। सीएम भी खुद को रोक न सके। नम आंखों से सभी को तसल्ली देते हुए खुद भी परिवार के साथ जमीन पर बैठ गए। बाबूलाल की पत्नी रेखा और पिता मुन्नी लाल को जमीन के पेपर और चेक देने के बाद सीएम ने कहा, इस परिवार पर दु:खों का जो पहाड़ टूटा है उससे कोई भी मदद कम नहीं कर सकती। इन्होंने अपना इकलौता बेटा खोया है। ऐसे परिवार को पूरे देश को सलाम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ में इस परिवार के किसी सदस्य को नौकरी की बात कही गई है, यदि केन्द्र सरकार या प्रदेश सरकार की तरफ से नौकरियां निकलीं तो उसमें भी जगह दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती, बार्डर पर जवान शहीद हो या फिर नक्सली हमले में, हमने सभी का सम्मान किया है। उन्होंने दिल्ली में दर्रिदगी का शिकार हुई बलिया की छात्रा का भी जिक्र किया। कहा, उस परिवार की भी हमने हर संभव मदद की है। सीएम ने कहा कि नक्सली गतिविधियां देश के लिए गंभीर हैं, केन्द्र सरकार को अपनी नीतियों में कुछ बदलाव करने होंगे। मुख्यमंत्री के साथ कारागार मंत्री रघुराज प्रताप सिंह, सांसद शैलेन्द्र, विधायक अंसार अहमद, हाजी परवेज टंकी, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल आदि मौजूद रहे। बता दें कि झारखंड केलतेहार में नक्सलियों से मुठभेड़ में बाबूलाल पटेल शहीद हो गया था। नक्सलियों ने उसका पेट फाड़कर बम रख दिया था। मुख्यमंत्री को शहीद के घर बुलाने के लिए कई दिनों तक अनशन किया गया था।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X