बिगड़ी बात, उखड़ा स्वरूपानंद का शिविर

Allahabad Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
इलाहाबाद। कुंभ मेला में भूमि आवंटन का विवाद और गहरा गया है। हफ्ते भर से शंकराचार्यों को भूमि आवंटित करने को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार हल नहीं हो सका। बात इतनी बिगड़ गई कि मंगलवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का शिविर उखड़ गया। मेला क्षेत्र में दस दिन से टिके उनके प्रतिनिधि अविमुक्तेश्वरानंद मेला क्षेत्र छोड़कर चले गए। संतों की मानें तो इस बार कुंभ मेला में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद का पहुंचना मुश्किल है। स्वामी स्वरूपानंद का शिविर उखड़ने और अविमुक्तेश्वरानंद के मेला क्षेत्र छोड़ देने से दूसरे तमाम संगठन नाराज हैं। आशंका है कि इस मसले पर बुधवार को विवाद बढ़ सकता है। कई संगठनों, साधु संतों ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव को घेरने की तैयारी की है। शिवपाल बुधवार को पक्के घाटों का लोकार्पण करने पहुंच रहे हैं।
विवाद शंकराचार्य चतुष्पद को लेकर था जिसे हल नहीं किया जा सका। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘शंकराचार्य चतुष्पद’ की मांग कर रहे थे, पर कुंभ मेला प्रशासन इस पर राजी नहीं हुआ। पूरे दिन मान मनौव्वल की कोशिशें चलती रहीं पर शाम तक कोई परिणाम नहीं निकला। ‘शंकराचार्य चतुष्पद’ की शर्त पूरी न होने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दिन में दो बजे तक मेला क्षेत्र छोड़ देने की चेतावनी दी थी। प्रशासन ने जब उनकी मांग पूरी करने में असमर्थता दिखाई तो उन्होंने शिविर के बटुकों से शिविर उखाड़ने का निर्देश दिया। इस बीच प्रशासन ने शाम तक का समय मांगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बारी-बारी से शृंगेरी, ज्योतिर्मठ और पुरी के शंकराचायों के शिविरों में गए जहां से उनके प्रतिनिधियों को साथ लेकर चौराहे पर धरने पर बैठ गए।
शाम को मंडलायुक्त और कुंभ मेला अधिकारी भी वहां पर उनसे मिलने आए लेकिन उन्होंने चतुष्पद के लिए असमर्थता जताई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से रुकने का अनुरोध ही करते रहे। यहां से चारों ही पीठों के शंकराचार्यों केप्रतिनिधियों ने सिर पर अपने आचार्यों का चित्र लेकर मेला दफ्तर की ओर कूच किया। बीच में गंगा के पास धर्म की रक्षा और आचार्यों के सम्मान का संकल्प लिया गया।
मेला दफ्तर पहुंचकर सर्वमंगल की कामना करते हुए उन्होंने मेला क्षेत्र छोड़ने की घोषणा की तो कुंभ मेला अधिकारी ने दोबारा उनसे बातचीत का प्रस्ताव रखा पर यह बातचीत भी बेमानी साबित हुई और चतुष्पद की मांग पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला क्षेत्र छोड़ दिया।
बकौल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, कुंभ मेला दफ्तर में बातचीत के दौरान प्रशासन ने शंकराचार्य चतुष्पद के लिए अरैल या सेक्टर पांच में भूमि दिए जाने की बात कही। उनके मुताबिक इस विषय पर नए सिरे से शंकराचार्यो की अनुमति लिए जाने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
कुंभ क्षेत्र से वापसी के दौरान काली मार्ग पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात करके स्थितियों की जानकारी हासिल की, पर शंकराचार्य चतुष्पद के मुद्दे पर कोई सार्थक निष्कर्ष न निकलने के कारण बात नहीं बनी।
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती बुधवार को इलाहाबाद पहुंचेंगे। इससे पहले वह जबलपुर के करीब परमहंसी आश्रम जाएंगे। उनका शिविर उखड़ने और प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मेला छोड़ने के बाद बुधवार को उनके पहुंचने पर क्या स्थिति होगी, इस बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

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