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कुंभ में आना मुश्किल, आए तो जाना मुश्किल

Allahabad Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
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इलाहाबाद, 25 दिसंबर। महाकुंभ के दौरान जो लोग ट्रेन से संगमनगरी आना चाहते हैं लेकिन अब तक आरक्षण नहीं कराया है, उन्हें भारी फजीहत झेलनी पड़ सकती है। ऐसे श्रद्धालु, पर्यटक भीड़ की धक्कामुक्की खाते किसी तरह पहुंच जाएंगे तो वापसी में और फजीहत झेलनी पड़ सकती है। कारण साफ है। पूरी जनवरी और आधी फरवरी तक इलाहाबाद आने वाली ज्यादातर ट्रेनें फुल हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और दक्षिण से आने वाली ट्रेनों में लोगों को जगह नहीं मिल रही है। जिन्होंने पहले से इलाहाबाद पहुंचने को आरक्षण करा लिया है, उन्हें वापसी के लिए सीट नहीं मिल रही है। महाकुंभ के मुख्य स्नान पर्वों के ठीक पहले स्थिति ज्यादा खराब है क्योंकि इलाहाबाद आने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में अभी से नोरूम है। उत्तर मध्य रेलवे ने मेला अवधि में 750 स्पेशल ट्रेनें भी चलाने का निर्णय लिया है लेकिन उनके बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
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महाकुंभ के दौरान 14 जनवरी को मकर संक्रांति एवं 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व है। इसके बाद 10 फरवरी को मौनी अमावस्या, 15 फरवरी को बसंत पंचमी है। इसमें से मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या एवं बसंत पंचमी पर शाही स्नान होगा। इन मुख्य पर्वों के तीन-चार दिन पहले से ही ट्रेनों में स्लीपर और एसी सीटों का आरक्षण फुल हो गया है। नई दिल्ली से इलाहाबाद आने वाले ट्रेनों की बात करें तो वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस के साथ पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, कालका मेल, शिवगंगा एक्सप्रेस, डिबरुगढ़-राजधानी एक्सप्रेस में 10 जनवरी से 13 जनवरी और सात फरवरी से नौ फरवरी के बीच में आरक्षण की प्रतीक्षा सूची काफी लंबी हो गई है। यही हाल कोलकाता-राजधानी एक्सप्रेस, पटना राजधानी का भी है।
इसी तरह मुंबई से आने वाली महानगरी, मुंबई मेल, कामयानी एक्सप्रेस, चेन्नई से आने वाली संघमित्रा एक्सप्रेस, रामेश्वर एक्सप्रेस, भोपाल से आने वाली कामायनी एक्सप्रेस, ग्वालियर से आने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस में भी सभी स्लीपर और एसी श्रेणी सीटें अभी से फुल हो गई हैं। स्थिति यह है कि 14 जनवरी और 10 फरवरी के शाही स्नान के पहले इलाहाबाद आने वाले कई ट्रेनों में नोरूम हो गया है।
महाकुंभ के दौरान शहर में आने वालों को होटल और लॉज में ठहरने के लिए कमरा मिलना भी मुश्किल होगा। हालांकि देश-विदेश से आने वाले काफी श्रद्धालु और पर्यटकों ने होटल, लॉज में कमरों की बुकिंग पहले से करा ली है लेकिन बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो स्नान पर्वों के दिन या एक दिन पहले संगम नगरी पहुंचें। ऐसे लोगों को होटल और लॉज में कमरा मिलना मुश्किल होगा। सिविल लाइंस में 10 बड़े होटलों के साथ लीडर रोड, काटजू रोड, हीवेट रोड, जानसेनगंज, रामबाग में 60 छोटे होटल हैं। इसके अलावा सिविल लाइंस, कीडगंज, दारागंज, अल्लापुर आदि में छह से 12 कमरों तक के तकरीबन 20 लॉज हैं। होटल ऐंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार जोगिंदर सिंह के मुताबिक महाकुंभ के लिए बडे़ होटलों में कमरे बुक हो चुके हैं। छोटे होटलों में भी ज्यादातर कमरों की बुकिंग कराई जा चुकी है। कुछ छोटे होटल मालिकों ने मुख्य स्नान पर्वों पर आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए पहले से कमरों की बुकिंग नहीं की है।

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