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दुकानों की नीलामी से हुई पैसों की बारिश

Allahabad Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। कुंभ के लिए केंद्र सरकार से 1200 करोड़ रुपए मिलने के बाद कुंभ पर पैसों की बारिश फिर शुरू हो गई है। इस बार रकम सरकार ने नहीं दी बल्कि करोड़ों रुपए दुकानों की नीलामी से आए। नीलामी जारी है और अब तक दो करोड़ रुपए से ज्यादा मेला प्रशासन को मिल चुके हैं। रकम तो सरकारी कोष में जमा करा दी जाएगी लेकिन यह अभी तय नहीं है कि इस रकम को इलाहाबाद के विकास में इस्तेमाल किया जाएगा और किसी अन्य मद में खर्च किया जाएगा।
पिछले कुंभ और अर्धकुंभ में दुकानों की नीलामी नहीं कराई गई थी। दुकानों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया था लेकिन इस बाद दुकान आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए इनकी नीलामी का निर्णय लिया गया। दुकानों की नीलामी की जिम्मेदारी एडीएम कुंभ मेला आशुतोष द्विवेदी को दी गई। सबसे पहले मीना बाजार की डेढ़ सौ से ज्यादा दुकानों के लिए नीलामी शुरू कराई गई। उसके बाद सेक्टर मार्केट की दुकानें नीलाम की गईं। मेला प्रशासन को उम्मीद नहीं थी कि दुकानों की नीलामी से इतना फायदा होगा, क्योंकि दुकानें सिर्फ मेला अवधि के लिए नीलाम की जा रही हैं और मेला में 50 दिन ही दुकानें लगेंगी। मीना बाजार की अब तक आधी दुकानें नीलाम की जा चुकी हैं और सेक्टर मार्केट की भी 60 फीसदी दुकानों की ही नीलामी हुई है। इन दुकानों की नीलामी से ही अब तक दो करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम आ चुकी है जबकि सेक्टर नंबर छह एवं सात में स्थापित दुकानों की नीलामी होना बाकी है। साथ ही खुली भूमि के लिए भी नीलामी होनी है। मेला प्रशासन का अनुमान है कि दुकानों और खुली भूमि की नीलामी से ही चार करोड़ रुपए से ज्यादा की आय होगी।

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