अन्तरराष्ट्रीय तस्करी का भंडाफोड़, चीते की खालें बरामद

Allahabad Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
इलाहाबाद। इलाहाबाद पुलिस ने खालों की तस्करी करने वाले अन्तरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के पास चीते की खालें बरामद की गई हैं। गिरोह का मुखिया सोनभद्र का रहने वाला है। तस्कर चीते की खालों को मध्य प्रदेश के जंगल से लाए थे। खालों को दिल्ली ले जाया जा रहा था। गैंग में इलाहाबाद का भी एक तस्कर शामिल हैं। उसी के जरिए दिल्ली में सौदा तय हुआ था। तस्कर इंडिगो कार से खाल लेकर इलाहाबाद पहुंचे थे। पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिए तस्करों की बातचीत सुनी और घेरेबंदी कर एक बदमाश को खाल समेत गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना और उसके अन्य साथी निकल भागे। बरामद खालों की कीमत अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में दो करोड़ से अधिक आंकी जा रही है।
एसएसपी मोहित अग्रवाल के मुताबिक, सर्विलांस के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग वन्य जीवों की खाल और उनके अंगों की खरीद बिक्री कर रहे हैं। गिरोह की बातचीत में पता चला कि चीते की खाल दिल्ली ले जाई जा रही है। इसके बाद एएसपी रोहन पी कनय और उनकी टीम को लगाया गया। यह टीम तस्करों के पीछे लगी रही। उनकी निगहबानी करती रही। बृहस्पतिवार की रात तस्कर कार से इलाहाबाद पहुंचे। यहां से उन्हें एक बदमाश के साथ खाल लेकर दिल्ली जाना था। इसी बीच पुलिस टीम ने घेरेबंदी कर इंडिगो कार नंबर यूपी 64 आर, 1943 को पकड़ा। कार में चीता की दो खालें थीं। कार चालक महबूब पुत्र मो. सलीम निवासी मुसही टोला राबर्ट्सगंज सोनभद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। तस्करी गिरोह का सरगना सत्येन्द्र कुमार पुत्र बुन्नी निवासी चुर्क, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र और उसका साथी राजेश कुमार पुत्र बच्चा लाल निवासी खलासी लाइन कीडगंज इलाहाबाद दूसरी कार से फरार हो गए। एसएसपी के मुताबिक, एएसपी रोहन पी कनय, दरोगा राकेश तिवारी, हेड कांस्टेबिल मिर्जा रिजवान बेग, जुलकर नैन, मो. अली, अनूप सिंह, नरसिंह यादव ने तस्करी के बड़े धंधे का भंडाफोड़ किया है। खालों को मध्य प्रदेश के जंगल से लाया गया था। पूछताछ में पता चला कि आदिवासियों के गांव का एक शख्स तस्करों के लिए काम करता है। उसी के जरिए चीते की खाल यहां तक पहुंची। खाल को दिल्ली में बेचा जाना था। सौदा कीडगंज के राजेश की मार्फत तय हुआ था। इसीलिए खालें यहां आई और राजेश के साथ दिल्ली ले जाई जानी थी। राजेश हिस्ट्रीशीटर है और उस पर 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। राजेश की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में रहने वाले तस्कर के बारे में जानकारी मिल सकेगी। पकड़े गए चालक ने बताया है कि खालों का सौदा दो करोड़ के बीच तय होने की बात थी। एसएसपी ने पुलिस टीम को 5 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
एजेंट बनकर पहुंचा सिपाही, फंसे तस्कर
इलाहाबाद। चीते की खालों का सौदा तय हो रहा था। इसी बीच पुलिस टीम को भनक लग गई। तस्करों को फंदे में लेने के लिए पुलिस ने भी चाल चली और हेड कांस्टेबिल रिजवान बेग को लग्जरी कार से एजेंट बनाकर कुख्यात राजेश के पास भेजा गया। एक बड़े तस्कर का एजेंट बनकर पहुंचे रिजवान ने तस्करों को समझाया और दूसरे खरीदार से ज्यादा कीमत देने का वायदा किया। एएसपी रोहन पी कनय को खरीदार बताकर फोन पर बात कराई। इसके बाद झांसे में आए तस्कर खाल को इलाहाबाद ले आए। यहां से वह दिल्ली जाने की तैयारी में थे।
पुलिस की गाड़ी से चल रहा था खेल
इलाहाबाद। तस्करी का खेल सोनभद्र के एक पुलिसकर्मी की गाड़ी से खेला जा रहा था। जिस इंडिगो में खालें मिली हैं उस पर भी पुलिस का चिह्न बना है। एसएससी के मुताबिक, गाड़ी के पेपर की जांच कराई जा रही है। गाड़ी पुलिसकर्मी की निकली तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
करेली में रात ठहरने की तैयारी थी
इलाहाबाद। खाल तस्करों ने बृहस्पतिवार की रात करेली के एक मकान में ठहरने की तैयारी की थी। कीडगंज का राजेश सभी तस्करों को लेकर कार से करेली पहुंचा भी था। एक मकान में नाश्ता करने के बाद तस्कर सौदा करने की नीयत से निकल पड़े थे। रात में उन्हें फिर लौटना था, उससे पहले ही वह पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
वन विभाग और स्पेशलिस्ट करेंगे जांच
इलाहाबाद। पुलिस ने अपनी जांच में तो स्पष्ट कर दिया कि बरामद खाल चीते की है। असमंजस तेंदुए की खाल को लेकर है। अब आगे की जांच के लिए वन विभाग और स्पेशलिस्टों की टीम को बुलाया जा रहा है।
तस्करों के लिए मुफीद शहर है इलाहाबाद
इलाहाबाद। लुप्त प्राय वन्य जीवों की खाल और अंगों की तस्करी के लिए इलाहाबाद मुफीद अड्डा रहा है। चीता की दो खालों की बरामदगी से पहले भी खाल तस्करी के बड़ा मामले खुल चुके हैं। 2008 में पुलिस ने करामत की चौकी करेली में रहने वाले शब्बीर अहमद को गिरफ्तार किया था। उसके पास से तेंदुए और हिरन की खाल बरामद हुई थी। तब पुलिस ने खुलासा किया था कि पकड़ा गया गिरोह यूपी, एमपी और असम में खाली तस्करी के गिरोह में सबसे टॉप पर है। शब्बीर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली तक से टीम आई थी। तस्करी के इस मामले को लेकर तब काफी हंगामा खड़ा हुआ था। बाद में मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई थी। इससे पहले वर्ष 2006 में एसटीएफ ने खाल तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए तेदुंए की खाल बरामद की थी। तब तस्कर खाल छोड़कर निकल भागे थे। इस तस्करी में भी कीडगंज के राजेश का नाम आया था। राजेश तस्करों का दलाल कहलाता है। सोनभद्र के गिरोह से रिश्ते जुड़ने के बाद वह इसी धंधे में लग गया था। एसएसपी मोहित अग्रवाल के मुताबिक, चीता की खालों संग पकड़े गए लोगों के तार पुराने मामलों से जुड़ रहे हैं इसे लेकर पूछताछ कराई जा रही है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालु

मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालु इलाहाबाद पहुंच चुके हैं। संगम तट पर चल रहे माघ मेले के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए हुए हैं।

16 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper