‘ब्राइट यंग माइंड से रूबरू को हूं तैयार’ : कर्ल

Allahabad Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
इलाहाबाद। ‘मैं यहां आकर बहुत उत्साहित हूं।’ भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान में विज्ञान समागम का शनिवार को उद्घाटन करते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर रॉबर्ट फ्लॉयड कर्ल ने कहा, ब्राइट यंग माइंड के साथ इंट्रैक्शन रोमांच भरा होगा। कर्ल ने समागम में उपस्थित वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और बाल वैज्ञानिकों से मेहनत करने की नसीहत दी। कहा, लगातार प्रयास और भाग्य से नोबल पुरस्कार जीता जा सकता है।
कर्ल ने छात्र-छात्राओं के साथ वैज्ञानिक सफर के महत्वपूर्ण पड़ावों और विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए शोध पर भी विस्तार से चर्चा की। पद्मभूषण प्रोफेसर जयंत विष्णु नार्लीकर, प्रोफेसर श्याम सुंदर, गणेश पांडेय ने विद्यार्थियों से समय की कीमत पहचानने की अपील की। श्याम सुंदर ने सब्जेक्ट की बाउंड्री से बाहर जाकर वैज्ञानिक शोध की बात कही। एचएमआरडी के पूर्व सचिव आरपी अग्रवाल ने सरकार की नीतियों पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर रामजी प्रसाद ने एक अच्छे और सभ्य समाज के निर्माण, शिक्षा की महत्ता पर चर्चा की। इसके लिए उन्होंने डेनमार्क का उदाहरण दिया, जहां सबसे अधिक नोबल पुरस्कार विजेता हैं। समारोह के अलग-अलग सत्रों को डीजी क्यूरी, प्रोफेसर गोविंद स्वरूप, एचसी जोशी, पी. रस्तोगी आदि ने भी संबोधित किया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर कर्ल, चांसलर प्रोफेसर गोवर्धन मेहता ने संस्थान के ऑडिटोरियम का भी उद्घाटन किया। इससे पहले निदेशक डॉ. एमडी तिवारी ने समारोह के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही अतिथियों का स्वागत किया। प्रोफेसर जीसी नंदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। रविवार को वैज्ञानिकों के संबोधन और छात्र-छात्राओं के साथ इंट्रैक्शन के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। लगान और मुन्ना भाई एमबीबीएस आदि फिल्मों में अभिनय से लोगों पर छाप छोड़ने वाली ग्रेसी सिंह मुख्य आकर्षण होंगी।
हर तरफ जिंदगी और विज्ञान की चर्चा
नोबेल पुरस्कार विजेताओं और वैज्ञानिकों से मिलने-सुनने को लेकर छात्रों में उत्साह
इलाहाबाद। ट्रिपलआईटी परिसर पूरी तरह से वैज्ञानिकों के रंग में सरोबार हो चुका है। वहां शनिवार को हर तरफ विज्ञान और जिंदगी की चर्चा हुई। वैज्ञानिक रहस्यों पर पर्दा उठा रहे थे तो भावी वैज्ञानिकों के साथ हास-परिहास का दौर भी चला। परिसर में यह माहौल 14 दिसंबर रहेगा।
सात दिनों तक चलने वाले इस समारोह को लेकर छात्र-छात्राओं तथा आशियान देशों से आए दल के सदस्यों में काफी उत्साह है। महर्षि पतंजलि की श्वेता, रामानुजम पब्लिक स्कूल की ज्योति, तनय, अभिषेक समेत हर कोई नोबेल पुरस्कार विजेता तथा प्रख्यात वैज्ञानिकों को सुनने को आतुर दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं के साथ इंट्रैक्शन का ‘इंस्पायर’ कार्यक्रम काफी रोचक रहा। छात्र-छात्राआें ने ‘गॉड पार्टिकल’ समेत प्रमुख शोधों के साथ वैज्ञानिकों से व्यक्तिगत जीवन के बारे में भी सवाल पूछे। तीन घंटे के इस सत्र में विद्यार्थियों ने उनकी हॉबी, पसंदीदा नॉवेल आदि सवाल भी पूछे। पूरे प्रदेश से जुटे नन्हें वैज्ञानिकों में ऑटोग्राफ लेने की भी होड़ रही। अर्जित तिवारी, अर्जित पाठक, अमर आदि का कहना था कि यह उनके लिए सपने जैसा है। अंजली का कहना था, उसे विश्वास ही नहीं हो रहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर कर्ल सामने हैं। केंद्र सरकार की ‘इंस्पायर’ योजना के तहत चयनित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी में बने गंगा गैलेरी और आनंद भवन घूमने का भी मौका मिला।
आशियान के छात्रों को भी मिला मौका
ट्रिपलआईटी का पांचवां विज्ञान समागम समारोह आशियान देशों के छात्र-छात्राओं के लिए भी सौगात लेकर आया। संस्थान ने इस बार दूसरे राष्ट्र के छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया। इसी के तहत ब्रूनोई, वियतनाम, फिलीपींस, थाइलैंड, मलेशिया, म्यांमार, कम्बोडिया और लाओ पीडीआर के 50 से अधिक विद्यार्थियों को पहली बार इस तरह के आयोजन में शामिल होने और नोबेल पुरस्कार विजेताओं से मिलने का मौका मिला। थाइलैंड के छात्र आरटिट्स सैन्से, न्यूथानगोना, कंबोडिया के रतन, लैसिम आदि छात्रों का कहना था कि यह उनके लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता तथा इतने बड़े वैज्ञानिकों को पहली बार देखा। सात दिनों तक यहां रहना रोमांच से भरा होगा। हालांकि भाषा उनके लिए बड़ी समस्या है। अधिकतर छात्र टूटी-फूटी अंग्रेजी जानते हैं। इसकी वजह से उन्हें वैज्ञानिकों के संबोधन को समझने तथा अपनी बात कहने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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