हेलमेट से पहले लाइसेंस तो चेक करें

Allahabad Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। सड़क हादसों में छात्रों की बढ़ती मौतों पर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई है। कोर्ट ने अफसरों को निर्देश दिया है कि स्कूलों में जाकर हेलमेट चेक करें। छात्रों केमामले में यातायात पुलिस घोर लापरवाही बरत रही है। पुलिस लापरवाह न होती तो हेलमेट चेक करने की नौबत ही न आती। पुलिस को पहले कान्वेंट केछात्रों का लाइसेंस चेक करना चाहिए। दसवीं, बारहवीं में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं तेज रफ्तार दुपहिया चला रहे हैं। कम उम्र में उन्हें इसका लाइसेंस कहां से और कैसे मिल रहा है। यदि लाइसेंस नहीं है तो अभिभावक उन्हें वाहन कैसे थमा दे रहे हैं।
शहर में नाबालिग लड़के बाइक से फर्राटा भर रहे हैं। हेलमेट तो दूर उनकेपास गाड़ी चलाने का लाइसेंस तक नहीं है। छोटी उम्र में वह शहर की सड़कों पर रेस लगाते हैं। हादसे में आए दिन छात्रों की मौत इसकी बानगी है। इस जानलेवा खिलवाड़ पर स्कूल प्रबंधन तो चुप है अभिभावकों ने भी अपनी आंखें बंद कर ली हैं। ऐसे में हर किसी को सोचना होगा कि लाडलों की जिंदगी से खिलवाड़ न करें, उन्हें बिना लाइसेंस बाइक चलाने से रोकें। यदि हर कोई अपनी जिम्मेदारी निभाए तो कुछ हद तक सड़क हादसों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
शहर में टीन एजर्स की मनमानी जारी है। बेरोकटोक वह सड़कों पर रेसिंग लगा रहे हैं। शहर केज्यादातर कान्वेंट स्कूलों ने छात्रों को खुली छूट दे रखी है। सिविल लाइंस के सभी स्कूलों में कम उम्र के बच्चे बाइक और स्कूटी लेकर आराम से आते-जाते हैं। स्कूल प्रबंधन को इसकी चिंता नहीं की सड़क पर दौड़ती मौत बच्चों को झपट सकती है। हर बार हादसे के बाद ही बवाल होता है। नाबालिग छात्र की मौत पर शहर में यातायात पुलिस भी अभियान छेड़ती है, यह सांप मरने के बाद लाठी पीटने जैसा होता है। स्कूलों केसाथ अभिभावकों ने भी अपनी आंखें बंद कर ली है। उम्र कम होने की वजह से लाइसेंस बन नहीं सकता है, ऐसे में छोटी उम्र में बच्चे बिना ट्रेनिंग बाइकिंग कर रहे हैं। अभिभावक, पुलिस और स्कूल प्रबंधन पर जिम्मेदारी थोप खुद बचने की कोशिश करते हैं जबकि बच्चों पर सबसे पहले लगाम उन्हीं को लगानी चाहिए। घर से उन्हें बाइक मिले ही न तो वह कहां से सड़क पर फर्राटा भरेंगे।
यातायात माह में क्या कर रही पुलिस
इलाहाबाद। यातायात माह चल रहा है, इसी में हाईकोर्ट ने हेलमेट को लेकर सख्ती का निर्देश दिया है। ऐसे में यातायात पुलिस को चाहिए कि इस महीने का भरपूर उपयोग करे और कम उम्र केबच्चों पर सख्त रुख अपनाए। यदि पुलिस लाइसेंस चेक कर वाहनों का चालान करना शुरू कर देगी तो छात्रों में डर पैदा होगा और कुछ हद तक इस पर रोक लग सकेगी।
छात्राएं भी कुछ कम नहीं
इलाहाबाद। देखादेखी केदौर में कम उम्र की छात्राओं ने भी हदें पार कर दी हैं। सिविल लाइंस समेत शहर केतमाम इलाकों में छात्राएं तेज रफ्तार में स्कूटी दौड़ा रही हैं। छोटी गाड़ी पर तीन सवारी और तेज रफ्तार की वजह से हर रोज हादसे होते हैं। छात्राओं की गाड़ियां रोक कर चेकिंग नहीं की जाती इसी से उनके हौसले और बढ़ते जा रहे हैं।
स्कूल के बाहर पार्किंग
इलाहाबाद। छात्र-छात्राएं किस हद तक बाइक, स्कूटर, स्कूटी का इस्तेमाल कर रहे हैं यह देखना हो तो शहर के पांच कान्वेंट स्कूलों पर निगाह मार ली जाए। कुछ स्कूलों ने गेट के भीतर वाहन ले जाने पर रोक लगाई तो गेट केबाहर ही पार्किंग बना ली गई। सैकड़ों वाहन स्कूल के बाहर खड़े मिलेंगे। ये सभी स्कूल इंटर तक ही हैं, ऐसे में अंदाजा लगा लेना चाहिए कि किस उम्र के बच्चे बाइक दौड़ा रहे हैं।
यातायात माह के दौरान चेकिंग अभियान चल रहा है। स्कूली बच्चों पर निगाह रख उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। स्कूलों के बाहर भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी पेपर और हेलमेट चेक करेंगे। इससे छात्रों पर असर पड़ेगा।
अजय सिंह, एसपी ट्रैफिक

Spotlight

Most Read

Dehradun

देहरादून: 24 जनवरी को कक्षा 1 से 12 तक बंद रहेंगे सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में बारिश की चेतावनी के चलते डीएम ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

23 जनवरी 2018

Related Videos

इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में लगी आग, कई टेंट जलकर हुए खाक

इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में रविवार दोपहर आग लगने से दहशत फैल गयी। माना जा रहा है कि आग दीये से लगी। फायर बिग्रेड की टीम ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग से कई टेंट जलकर खाक हो गए वहीं इस हादसे में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper