डेंगू के कोहराम पर आखिर टूटी नींद

Allahabad Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। डेंगू बुखार के कहर से शहर और देहात में भय और घबराहट के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही बरती तो डीएम राजशेखर को पहल करनी पड़ी। लगातार मौतों और डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने पर गुरूवार को डीएम ने कॉल्विन और नाजरेथ अस्पताल का दौरा किया। इन अस्पतालों में चार संदिग्ध डेंगू मरीज भर्ती हैं। उनका ब्लड टेस्ट कराया गया। हालत सामान्य बताई गई है। खास बात यह कि इन संदिग्ध डेंगू मरीजों में दो छात्र एमएनएनआईटी और हरिश्चंद्र रिसर्च इंस्टीटयूट के हैं। सभी अस्पतालों में इलाज और दवाओं की व्यवस्था को कहा गया है।
इलाहाबाद में पिछले महीने भर में डेंगू बुखार से आठ मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि दो दर्जन से ज्यादा रोगियों का इलाज हो रहा है। डेंगू का हल्ला मचने पर बृहस्पतिवार दोपहर डीएम राजशेखर ने कॉल्विन और नाजरेथ अस्पताल का दौरा किया। सीएमओ डॉ.पदमाकर सिंह ने डीएम को बताया कि नाजरेथ में तीन और कॉल्विन में एक संदिग्ध डेंगू मरीज का इलाज हो रहा है। डीएम ने कॉल्विन में भर्ती कौशाम्बी की जनक दुलारी (72) की स्थिति देखी। उसका हाल पूछा। डॉक्टरों ने कहा कि जनक दुलारी की एलिजा टेस्ट में डेंगू निगेटिव है। परसों तक में उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डीएम ने सीएमएस और दूसरे डॉक्टरों से बात की। उन्हें कहा कि डेंगू बुखार के रोगियों के इलाज में कोई उदासीनता नहीं बरती जानी चाहिए। कॉल्विन केबाद डीएम पहुंचे नाजरेथ हॉस्पिटल। इस हॉस्पिटल में तीन संदिग्ध डेंगू मरीज भर्ती किए गए हैं।
एमएनएनआईटी और एचआरआई के छात्र चपेट में
इन मरीजों में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान में एमटेक का छात्र अकरम, हरिश्चंद्र रिसर्च इंस्टीटयूट का छात्र अरित्र गुप्ता तथा टीपी नगर इलाके का अमित है। बुधवार को मोतीलाल संस्थान के ही एक बीटेक छात्र ललित की डेंगू के कारण मौत हो गई थी। इनके ब्लड सैंपल एलिजा टेस्ट के लिए मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। अभी रिपोर्ट नहीं मिली पर तीनों रोगियों की हालत तेजी से सुधर रही है। उनके खून में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का दावा है कि तीनों मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। डीएम ने भी उनका हाल पूछा।
बेली और कॉल्विन में बने विशेष डेंगू वार्ड
डेंगू रोगियों के समुचित इलाज के लिए बेली और कॉल्विन अस्पताल में खास डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि कॉल्विन में 5-5 बेड के दो वार्ड और बेली अस्पताल में आठ बेड का वार्ड बना है। डीएम ने इन वार्डों में इलाज की पूरी व्यवस्था और दवाएं रखने को कहा है। सीएमओ ने कहा कि न प्लेटलेट्स की कमी और न दवाओं की। डीएम ने कॉल्विन के डेंगू वार्ड में नल की टोंटी खोलकर देखा कि पानी आ रहा है कि नहीं। आदेश दिया कि मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
निजी अस्पतालों को देनी होगी जानकारी
डीएम ने जिले में दर्जनों डेंगू बुखार रोगियों के इलाज के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के बेखबर होने पर नाराजगी जाहिर की। सभी निजी चिकित्सालयों से कहा गया है कि वे डेंगू का कोई भी संदिग्ध मरीज आए तो इस बारे में सीएमओ को लिखित और टेलोफोन के जरिए जानकारी दी जाए। नगर आयुक्त को भी आदेश दिया गया कि वह प्रभावित इलाकों में डेंगू मच्छर की पैदावार पर रोक लगाने केलिए दवाओं का छिड़काव कराएं। इसके साथ ही एमएनएनआईटी परिसर में भी फागिंग को कहा गया है क्योंकि वहां दो छात्र डेंगू का शिकार हो चुके हैं। एक की तो मौत हो चुकी है।
और खुल गई डेंगू वार्ड की हकीकत
इलाहाबाद। डेंगू बुखार के कहर के बावजूद उदासीनता बरतने से स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है। बृहस्पतिवार को कांग्रेसियों ने सीएमओ दफ्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। तारिक सईद अज्जू और पीसीसी सदस्य मुकुंद तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने सीएमओ दफ्तर पर जाकर स्वास्थ्य विभाग अफसरों के खिलाफ नारे लगाए। वे हाथों में डेंगू से बचाओ, स्वास्थ्य विभाग होश में आओ के स्लोगन लिखे पोस्टर थामे थे। कांग्रेसियों ने मीडिया कर्मियों के साथ बेली के डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया तो हकीकत सामने आ गई। न तो मच्छरदानी थी और न डॉक्टर। सीएमएस भी कुछ नहीं बता पा रहे थे। इससे साफ है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीएम को सही जानकारी नहीं दी जा रही है। घेराव-प्रदर्शन में विजय श्रीवास्तव, हरदेव सिंह, नरेश श्रीवास्तव, इरशादउल्ला, हसीन अहमद, गौरव मिश्रा, आदर्श त्रिपाठी, सरताज अली आदि मौजूद रहे।

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