नाले में बह गया कुंभ का पैसा

Allahabad Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। सिविल लाइंस में नगर निगम की ओर से बनवाए जा रहे नाले में बड़ा घोटाला सामने आया है। कुछ दिनों पहले डीएम ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए नमूना मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) को भेजा था। नमूना फेल हो गया है और नाले के निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़गड़ी की बात सामने आई है। एमएनएनआईटी यह रिपोर्ट कमिश्नर को भेजने जा रहा है। मामले में नगर निगम के अभियंताओं एवं ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी है।
नगर निगम सिविल लाइंस में बड़े पैमाने पर नाले-नालियों का निर्माण करा रहा है। इन्हीं नाले नालियों पर सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों की स्थिरता तय होनी है। गड़बड़ी का सीधा मतलब है कि अरबों की लागत से जो कुंभ कार्य हो रहे हैं, चौपट हो जाएंगे। कुछ दिनों पहले डीएम ने नाले नालियों का निरीक्षण किया तो उन्हें निर्माण की गुणवत्ता में कुछ गड़बड़ी नजर आई। इस पर उन्होंने निर्माण सामग्री का नमूना जांच के लिए एमएनएनआई को भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक नमूना फेल हो गया है और मामला इतना गंभीर है कि इसकी रिपोर्ट कुंभ मेलाधिकारी या संबंधित विभाग को भेजने के बजाय सीधे कमिश्नर को भेजी जा रही है। इस बारे में जब कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी से बात की गई तो उन्होंने भी माना कि नाले की निर्माण सामग्री का नमूना फेल हो गया और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की सूचना मिली है। उन्होेंने बताया कि एमएनएनआईटी से अभी फोन पर ही इस बारे में जानकारी दी गई है। एमएनएनआईटी रिपोर्ट सीधे उनके पास भेज रहा है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद नाला निर्माण में हुई गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
एमएनएनआईटी अब अधिकृत जांच एजेंसी
कुंभ से जुड़े निर्माण कार्यों की जांच के लिए शासन ने एमएनएनआईटी को अधिकृत रूप से जांच एजेंसी घोषित कर दिया है। साथ ही जांच के एवज में एजेंसी को भुगतान की व्यवस्था भी कर दी गई है। एमएनएनआईटी को जिस प्रोजेक्ट की जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा, उसके एवज में प्रोजेक्ट लागत की 0.25 फीसदी रकम एजेंसी को भुगतान की जाएगी। सब कुछ तय होने के बाद एमएनएनआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट कुंभ मेलाधिकारी एवं संबंधित विभागों को भेजनी शुरू कर दी है। साथ ही जो मामले ज्यादा गंभीर हैं, उनकी रिपोर्ट सीधे कमिश्नर को भेजी जा रही है।
और भी कई प्रोजेक्ट जांच के दायरे में
कुंभ के तहत और भी कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जांच के दायरे में हैं। इनमें से कई निर्माण कार्यों की जांच का जिम्मा एमएनएनआईटी को सौंपा गया है। इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर हनुमानगंज बाजार में निर्माणाधीन सीसी रोड और नाले की जांच, शहर में एजी ऑफिस से गवर्नमेंट प्रेस चौराहा तक बनी सड़क, थार्नहिल रोड पर इंदिरा गांधी मूर्ति चौराहा से धोबीघाट चौराहा तक बनी सड़क, नवाब युसूफ रोड, कचहरी में एसएसपी कार्यालय के पीछे लक्ष्मी टॉकीज से जगराम चौराहा जाने वाली रोड, लाजपत राय रोड सहित कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जांच का जिम्मा एमएनएनआईटी को सौंपा गया है। डीएम के निरीक्षण में ही प्रथम दृष्टया इन सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में एमएनएनआईटी की ओर से बारीकी से जांच किए जाने के बाद और भी कई खुलासे होंगे।
आखिर कब होगी कार्रवाई
सड़क निर्माण में गड़बड़ियां खुलकर सामने आ रही हैं। तीन माह पहले कमिश्नर ने सीडीओ के माध्यम से उन सभी सड़कों की जांच कराई थी, जहां सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों को मिट्टी से पाट दिया गया था जबकि सड़क पाटने से पहले कम से कम दो फुट तक बालू बिछाई जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जांच रिपोर्ट में भी इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। अलोपीबाग, सिविल लाइंस सहित तमाम इलाकों में इस तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। बारिश के दौरान इन इलाकों में कई बार सड़कें धंसीं और उन पर पैचवर्क कराया गया लेकिन गड़बड़ी सामने आने के बावजूद संबंधित विभाग के किसी भी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
सिर्फ ठेकेदारों को लपेट रहे अफसर
सड़क या किसी अन्य प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के लिए सिर्फ ठेकेदारों पर कार्रवाई की जा रही है जबकि निर्माण कार्य पर निगरानी की जिम्मेदारी विभागीय अभियंता पर होती है। निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों से तो वसूली के आदेश जारी कर दिए गए लेकिन अभियंताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर और सुधार के लिए मोहलत दी गई। पिछले 15 दिनों में जांच के दौरान सड़क निर्माण में जिस तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं, वे ठेकेदार और अभियंता की मिलीभगत के बिना नहीं की जा सकती हैं।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

बवाना कांड पर सियासत शुरू, भाजपा मेयर बोलीं- सीएम केजरीवाल को मांगनी चाहिए माफी

दिल्ली के औद्योगिक इलाके बवाना में शनिवार देर शाम अवैध पटाखा गोदाम में आग लगने से 17 लोगों की मौत के बाद अब इस पर सियासत शुरू हो गई है।

21 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले पकड़े गए 83,753 बोगस स्टूडेंट्स

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले ये बात सामने आई है कि परीक्षा आवेदनों में करीब 84 हजार बोगस स्टूडेंट हैं।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper