जीता जा सकता है बिना धन और बल के भी चुनाव

Allahabad Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। यह आम धारणा बन गई है कि धन और मशल्स बल के बिना चुनाव नहीं जीता जा सकता। यहां तक कि कांग्रेस की बैठक में भी यह मुद्दा उठा लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने धारणा को नकार दिया है। कई प्रत्याशियों और संगठनों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तरह पैसा बहाया तो दबंग किस्म के कई छात्र नेताओं की मौजूदगी के कारण गैंगवार की भी आशंका जताई गई लेकिन विद्यार्थियों ने संघर्ष को तवज्जो दी। महामंत्री पद एक अपवाद जरूर हो सकता है लेकिन चुनाव जीतने वाले अन्य पदाधिकारियों में किसी के पिता सरकारी मुलाजिम हैं तो किसी का परिवार छोटी दुकान से चलता है।
सरकारी मुलाजिम का बेटा है दिनेश
अध्यक्ष पद पर निर्वाचित दिनेश यादव के पिता सरकारी नौकरी करते हैं। बड़े भाई भी मुंबई में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। यानी, राजनीति के लिए परिवार से आशीर्वाद और हिम्मतआफजाई के अलावा कुछ नहीं मिलता। दिनेश की छवि भी एक सीधे और मिलनसार नेता के रूप में है। समाजवादी छात्र सभा के पैनल से चुनाव लड़ने के कारण कुछ वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला लेकिन इतनी बड़ी जीत का आधार छात्रहित में दिनेश के संघर्षों के दौरान ही तैयार हो गया था।
महज सवा साल में बन गई नेता
विश्वविद्यालय में तमाम नेता वर्षों की राजनीति के बाद भी सफल नहीं हो पाए लेकिन बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा शालू यादव ने महज सवा साल में उपाध्यक्ष पद तक सफर पूरा कर लिया। इसके पीछे भी कोई धन-बल नहीं बल्कि, संघर्ष है। शालू के पिता का व्यवसाय है और शालू को उनसे मात्र पढ़ाई के लिए पैसा मिलता है। प्रचार अभियान में भी पूरी सादगी दिखी लेकिन इन सभी के बावजूद जेल से चुनाव लड़ने वाले तथा लाव लश्कर के साथ घूमने वाले को पछाड़ दिया।
आर्मी की ट्रेंनिग ने दी ताकत
संयुक्त सचिव चुने गए गया शंकर यादव के पिता राजनारायण आर्मी में सूबेदार हैं। लाजिमी है चुनाव लड़ने के लिए पैसा पिता से नहीं मिला। हां, पिता से कुछ कर गुजरने का जज्बा जरूर मिला। गया ने प्रचार अभियान के दौरान ‘स्वच्छ राजनीति’ के नारे का भी पूरी तरह से पालन किया तथा पत्ते पर लिखकर प्रचार किया, जिसे छात्र-छात्राओं ने भी सराहा और नेता चुना।
संघर्ष से तैयार हुआ जीत का आधार
सांस्कृतिक सचिव चुने गए देवमणि मिश्रा भी बेहद ही सामान्य परिवार से हैं और पिता सरकारी नौकरी करते हैं। प्रचार अभियान के दौरान पूरी सादगी दिखी। देवमणि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्षरत रहे, जो जीत का आधार बना।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालु

मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालु इलाहाबाद पहुंच चुके हैं। संगम तट पर चल रहे माघ मेले के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए हुए हैं।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper