मीरापट्टी में ‘काला पानी’

Allahabad Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। मीरापट्टी में जलभराव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन जरा भी गंभीर नहीं है। नगर निगम के अफसर तो पूरी तरह बेपरवाह हैं। शुक्रवार से लगातार पूरे मोहल्ले में गले तक काला पानी भरा है। घरों में भरे मुंडेरा मंडी के जहरीले पानी में चूहे, सांप, बिल्लियां मर गईं, अब इनके शव उतराने लगे हैं। इस पानी के कारण तमाम लोगों को गंभीर बीमारियां हो गई हैं। तीन दिन से पानी में पड़े सामान सड़ गए हैं, जिससे तेज दुर्गंध उठ रही है।
लोगों की परेशानी के संबंध में ‘अमर उजाला’ के सोमवार के अंक में विस्तार से खबर प्रकाशित हुई तो महापौर, विधायक, पार्षद के साथ प्रशासनिक अमला भी जाग गया। दिन में महापौर अभिलाषा गुप्ता और विधायक पूजा पाल भी मीरापट्टी पहुंची पर उन्हें स्थानीय लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। गुस्साए लोगों ने मुर्दाबाद के नारे लगाने के साथ उन्हें कई घंटे बंधक बनाए रखा। इसकी जानकारी मिलने पर अफसरों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में नगर आयुक्त, एडीएम सिटी के साथ सकिंग मशीन, पंप लेकर अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। दोपहर बारह बजे के करीब महापौर अभिलाषा गुप्ता मीरापट्टी पहुंची। उनके पीछे विधायक पूजा पाल भी वहां पहुंच गई। उनके यहां पहुंचते ही शुक्रवार से जलभराव का संकट झेल रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस नेता तारिक सईद अज्जू के नेतृत्व में परेशान लोगों ने महापौर, विधायक को घेर लिया। प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताने के बाद लोगों ने महापौर को जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण कराया। इसके बाद विधायक के साथ उन्हें वहीं बैठा लिया। इस बीच महापौर ने नगर आयुक्त सचिव अन्य अफसरों को फोन कर मीरापट्टी से पानी निकासी की व्यवस्था करने का आदेश दिया। तकरीबन ढाई घंटे तक महापौर और विधायक वहीं बैठी रहीं। नगर अभियंता पी राम, नगर आयुक्त पीएन दुबे, एडीएम सिटी दिव्य प्रकाश गिरि, अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार, गंगा प्रदूषण के परियोजना प्रबंधक जेपी मणि भी तीन सकिंग मशीन और इतने ही पंप के साथ मौके पर पहुंचे, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। मीरापट्टी मोहल्ले से पानी निकालकर ट्रांसपोर्ट नगर के नाले में भेजने के लिए जीटी रोड पर खोदाई कराई गई। जेसीबी लगाकर सड़क की खोदाई कराई गई। इसके बाद मुंडेरा मंडी किसान भवन के पीछे से पाइप ट्रांसपोर्ट नगर नाले तक लगाया गया। देर शाम पंपों के जरिए पानी दूसरी तरफ भेजा गया। मुंडेरा मंडी के पीछे मीरापट्टी मोहल्लों में अब महामारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। मंडी के तालाब की दीवार टूटने से मीरापट्टी में पिछले चार दिन से जहरीला पानी भरा है। तकरीबन एक हजार परिवार इससे फंसे हुए हैं। पानी घरों के अंदर चार-पांच फीट तक भरा है। फल, सब्जी तैयार करने के लिए लगाए जाने वाले केमिकल से पानी पूरी तरह जहरीला हो गया है। घरों में घुसने के कारण इस पानी से बड़ी संख्या में चूहे मर गए हैं। काफी लोग गंदे पानी में होकर आ-जा रहे हैं, इससे उनके शरीर में खुजली की शिकायत हो गई है। शुक्रवार रात में मुंडेरा मंडी के तालाब की दीवार टूटने से मीरापट्टी में सैकड़ों घर जलमग्न हो गए थे। पानी के निकासी की व्यवस्था न होने से कई मकानों के गिरने का खतरा उत्पन्न हो गया है, क्योंकि यहां ज्यादातर मकान नए बने हैं और लोगों ने दो-तीन फीट पर कमरे बनवा दिए। पानी लगातार नींव में भर रहा है। इससे तालाब से लगे तकरीबन दो दर्जन मकानों में फर्श धंस गई, दीवारों में दरार आ गई है। यहां के लोग दैनिक क्रिया तक को तरस गए हैं, क्योंकि घरों के शौचालय, सैप्टिक टैंक सब में पानी भरा है। प्रशासन की ओर से भेजी गई तीन नावों से शनिवार को लोग घरों से बाहर निकले और रिश्तेदार, परिचितों के यहां दैनिक क्रिया, नहाने, धोने पहुंचे। एडीएम सिटी दिव्य प्रकाश गिरि के निर्देश पर रविवार को यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और कुछ घरों में क्लोरिन की गोलियां बांटकर लौट गई, जबकि पानी में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की व्यवस्था नहीं की गई। सोमवार को भी यहां स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी, कर्मचारी नहीं पहुंचा।

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