पानी में डूबे हजारों घर, भूख से बिलबिला रहे लोग

Allahabad Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। मुंडेरा मंडी के तालाब की दीवार क्षतिग्रस्त होने से मीरापट्टी मोहल्ले में कहर टूट पड़ा है। पिछले तीन दिन से तकरीबन 2000 हजार मकान जलमग्न हैं। सैकड़ों परिवार पानी से घिरे हैं। गंदगी से क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। सौ से ज्यादा लोग पीलिया, डायरिया और चिकनपॉक्स की चपेट में आ गए हैं। लगातार दो दिन तक कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिलने से मीरापट्टी में हाहाकार मचा है। गंदे पानी के बीच घरों में कैद बच्चे और बूढ़े भूख से बिलबिला रहे हैं। 90 फीसदी घरों में लोगों ने छत को अपना ठिकाना बना लिया है और नीचे के कमरों में सांप, बिच्छू का कब्जा हो गया है। अमर उजाला के रविवार के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासनिक महकमा हरकत में आया और पानी में गिरे लोगों के लिए भोजन, पानी की व्यवस्था की गई। दोपहर बाद नाव चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मुंडेरा मंडी में तालाब तकरीबन 20 वर्ष पहले बनाया गया था। इसके ठीक बगल में मीरापट्टी मोहल्ला है जिसमें तकरीबन 2500 मकान हैं। मंडी में तालाब बनाने का शुरू से ही विरोध किया जा रहा था लेकिन अफसरों ने इसकी अनदेखी कर तालाब बनवा डाला। बस्ती में पानी न भरे इसके लिए तालाब के किनारे दीवार बनवा दी गई थी। इस तालाब में मुंडेरा मंडी, मुंडेरा गांव का गंदा पानी एकत्र होता है। बारिश के कारण तालाब में पानी ज्यादा भर गया तो शुक्रवार को उसकी दीवार का एक हिस्सा धराशायी हो गया। इससे मीरापट्टी के हजारों घर जलमग्न हो गए।
रात बारह बजे के बाद घरों में पानी भरना शुरू हुआ तो हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो तालाब की दीवार टूटने का पता चला। इसके बाद आनन-फानन में लोगों ने घरों के निचले हिस्से से सामान ऊपरी मंजिल पर रखा। जिनके मकानों में दूसरी मंजिल पर कमरा था, उनके यहा तो गनीमत रही लेकिन बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्होंने सिर्फ निचले हिस्से में कमरा बनाया है। ऐसे लोगों ने किसी रहा सामान समेट कर खुली छत पर रखा। लगातार हो रही बारिश से बचने के लिए लोग छतों पर रखे सामान और खुद को पन्नी से ढककर काम चला रहे हैं।
न खाना, न साफ पानी
मीरापट्टी में पानी से गिरे घरों में लोग खाने, पीने को तरस गए हैं। सैकड़ों घरों में शनिवार से खाना नहीं बना है। शिम्पी यादव, राहुल, राजेंद्र यादव, राधा देवी, मनमोहन, अजय, मिंटू जैसे सैकड़ों परिवार के लोगों के लिए बाहर निकलने का रास्ता न होने के कारण भूखे, प्यास लोग छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों के साथ मकानों की छत पर डेरा डाले हुए हैं। यहां ज्यादातर घरों में लोगों ने बोरिंग करा रखी है। घर के भीतर गंदा पानी भरने से नलों में गंदा, भीषण बदबूदार पानी आ रहा है।
बीमारी ने पसारे पांव
मीरापट्टी में तीन दिन से जलभराव के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़े गए हैं। मोहम्मद यूसुफ के छोटे-छोटे बच्चों अब्दुल अहद, अब्दुल समा, सना और समा को पीलिया हो गया है। राकेश हेला के भाई रंजीत मां बिट्टन, पुत्र अंकित चिकनपॉक्स का शिकार हो गए हैं। ज्यादातर घरों में बच्चों, बुजुर्गों को उल्टी-दस्त हो रही है। बीमार लोगों की हालत खराब होने पर रविवार को इनमें से ज्यादातर लोगों ने पानी से बाहर आकर डॉक्टर से संपर्क किया। राकेश हेला अपने भाई को गोद में और बच्चे को ट्यूब में बैठकर किसी तरह पानी के बाहर लाए तो अन्य लोगों ने भी ट्यूब के जरिए बीमार लोगों को बाहर निकाला।
लैट्रीन, बाथरूम को तरसे
मीरापट्टी के घरों के निचले हिस्से में पानी भरने से लोग लैट्रीन, बाथरूम को तरस गए हैं। घरों का शौचालय पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है। मलयुक्त पानी घर के निचले हिस्से में भरा है। कई लोग दैनिक क्रिया के लिए किसी तरह गंदगी के बीच से बाहर निकल कर आ रहे हैं।
तीन दर्जन घरों के फर्श धंसे
मीरापट्टी में जलभराव के कारण तकरीबन तीन दर्जन मकानों के फर्श धंस गए हैं। पानी लगातार मकान की नींव में जा रहा है। इसके उसके भी धराशायी होने का खतरा है। कई मकान का निचला हिस्सा पूरी तरह पानी में समा गया है। इससे करंट उतरने का भी खतरा है।
मंडी सचिव को लोगों ने घसीटा
मीरापट्टी में जलभराव की समस्या के बाद रविवार को मंडी सचिव संजय सिंह कर्मचारी कामता मिश्रा के साथ मौके पर पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया। नारेबाजी के बीच आक्रोशित लोग उन्हें घसीट पर पानी की ओर ले जाने की कोशिश करने लगे। लोगों का कहना था कि दो दिन बात यहां झांकने आए सचिव जब पानी में उतरेंगे तब उन्हें दूसरे के दर्द का अहसास होगा। लोगों का गुस्सा देख सचिव डर से कांपने लगे। इसी बीच मंडी परिषद के सहायक अभियंता संजीव अग्रवाल और उप निदेशक (निर्माण) अरशद अहमद वारसी भी मौके पर पहुंचे। लोगों ने उन्हें भी घेर लिया और कहा कि इन्हें भी पानी में फेंक दो। इस बीच कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया और समझाबुझाकर लोगों को वहां से हटाया। सचिव ने कहा कि उन्होंने समस्या के संबंध में निदेशक, डिप्टी डायरेक्टर से भी कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आधे घंटे में बह गया मिट्टी का बांध
मुंडेरा मंडी के तालाब की टूटी दीवार से मीरापट्टी की ओर जा रहे पानी को रोकने के मंडी परिषद के एई संजीव अग्रवाल ने शनिवार शाम को 20-50 बोरियों में मिट्टी भरवाकर लगवाया लेकिन वह आधे घंटे भी नहीं टिका। जोरदार बारिश के बाद तालाब में पानी बढ़ा तो बोरियां मिट्टी सहित बह गई। इसके बाद बस्ती में और अधिक जलभराव हो गया।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालु

मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालु इलाहाबाद पहुंच चुके हैं। संगम तट पर चल रहे माघ मेले के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए हुए हैं।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper