सरकारी नौकरियों में आरक्षण के पुनरावलोकन की मांग

Allahabad Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा, आरक्षण जारी रखने का आधार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्ग को दिए जा रहे आरक्षण के पुनरावलोकन की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से वह आंकड़े बताने को कहा है जिनके आधार पर पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिया जा रहा है। याचिका पर अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी। अधिवक्ता अनिल सिंह बिसेन की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अमिताव लाला और न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याची का कहना है कि सरकारी नौकरियों पर पिछड़े वर्ग को पर्याप्त आरक्षण मिल चुका है अब इसका पुनरावलोकन किया जाना चाहिए। कहा गया कि सरकार के पास ऐसा कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है जिसके आधार पर पिछड़े वर्ग के लोगोें को आरक्षण जारी रखा जाए। जबकि नागराज केस में सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि सरकार आंकड़ों के आधार पर ही आरक्षण दे सकती है। प्रदेश सरकार की ओर से स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने पक्ष रखा। अदालत ने पूछा है कि सरकार की किन आंकड़ों के आधार पर पिछड़े वर्ग को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दे रही है। याचिका पर 12 सितंबर को सुनवाई होगी।

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