छात्रसंघ चुनाव में दक्षता भाषण के पक्ष में खड़े हुए पूर्व अध्यक्ष

Allahabad Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
चुनाव के दौरान छात्रों को अपने प्रत्याशियों को जानने का अवसर नहीं मिलेगा
दक्षता भाषण और काउंटिंग एजेंट की नियुक्ति की मांग को लेकर छात्र करेंगे घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में दक्षता भाषण खत्म करने का छात्र नेताओं ने विरोध किया है। दक्षता भाषण खत्म किए जाने और चुनाव से पूर्व मशाल जुलूस और काउंटिंग के समय एजेंट की तैनाती की मांग को लेकर छात्रों ने चुनाव अधिकारी से इसमें बदलाव की मांग की है। छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान पूर्व में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के प्रत्याशियों की ओर से दक्षता भाषण होता था, यह चुनाव के दौरान प्रत्याशियों की इमेज बनाने का भी काम करता रहा है। ऐसे में इस परंपरा को खत्म करने से छात्रसंघ चुनाव में छात्र अपने प्रत्याशियों को परखने में गलती कर सकते हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि दक्षता भाषण से छात्रों की समस्याओं और छात्रसंघ को लेकर प्रत्याशी की सोच का पता चलता है। ऐसे में चुनाव के समय दक्षता भाषण खत्म कर देने से छात्रों को अपने प्रत्याशी के का आकलन करने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी रोड पर होने वाली मीटिंग पर भी पाबंदी नहीं लगनी चाहिए।
पूर्व अध्यक्ष केके राय ने कहा कि दक्षता भाषण पर पाबंदी छात्रों को अपनी बात रखने के अधिकार से वंचित करने का प्रयास है। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रसंघ चुनाव के लिए तैयार नियमावली में दक्षता भाषण खत्म कर दिया गया है। आइसा के रामायन राम और समाजवादी छात्रसभा के अभिषेक यादव का कहना है कि दक्षता भाषण खत्म करने से विवि ने एक परंपरा को खत्म करने का प्रयास किया है। दक्षता भाषण के दौरान छात्रों की परख होती थी। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद काउंटिंग में प्रत्याशियों को अपने एजेंट रखने की भी आजादी मिलनी चाहिए।
फैसले के लिए 24 घंटे का दिया समय
इलाहाबाद। ईसीसी में छात्रसंघ चुनाव के लिए संग्राम तेज होता जा रहा है। छात्रों ने बुधवार को परिसर में जुलूस निकाला और कक्षाओं में संपर्क किया। छात्रों ने प्राचार्य को चुनाव से संबंधित न्यायालय के आदेश की कॉपी सौंपी और फैसले के लिए 24 घंटे का समय दिया। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर बृहस्पतिवार तक निर्णय नहीं लिया गया तो वे कक्षाओं का बहिष्कार कर आंदोलन तेज करेंगे। छात्रसंघ बहाली को लेकर छात्रों का आंदोलन कई दिनों से चल रहा है। हालांकि कॉलेज प्रशासन छात्र परिषद को लेकर अड़ा हुआ है। छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोर्ट के आदेश की प्रति छात्रों ने बुधवार को प्राचार्य को सौंपी। प्राचार्य ने कहा कि वे इस बारे में कानूनी सलाह लेने के बाद ही कोई फैसला करेंगे। छात्रों ने प्राचार्य को निर्णय के लिए बृहस्पतिवार तक का समय दिया है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर छात्रसंघ चुनाव को लेकर फैसला नहीं हुआ तो वे बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे और बेमियादी धरना आरंभ करेंगे।

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