मेडिकल साक्ष्य से गवाह की पुष्टि अविश्वसनीय नहीं

Allahabad Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
0 उम्रकैद की सजा बरकार, हत्याआरोपियों की अपील खारिज
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा है कि यदि गवाह के बयान की पुष्टि चिकित्सकीय साक्ष्य से होती है तो उसका बयान इस आधार पर अविश्वसनीय नहीं कहा जा सकता है कि वह मृतक का रिश्तेदार है। इसके साथ ही अदालत ने हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा पाए अभियुक्तों की सजा बरकरार रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी है। एटा जिले के मुनेश और सुखबीर सिंह ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। इस पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने सुनवाई की। दोनों के खिलाफ वर्ष 2000 में रामबीर की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। अदालत ने उनको उम्रकैद की सजा सुनाई थी। चश्मदीद गवाहों के बयान की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होने के बाद निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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