‘कुंभ क्षेत्र’ दारागंज को ही भूल गया प्रशासन

Allahabad Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
चार माह बाद महाकुंभ लेकिन ऐतिहासिक दारागंज में अभी शुरू नहीं हुए काम
महाकुंभ के दौरान इसी मोहल्ले से होकर निकलता है श्रद्धालुओं का रेला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। महाकुंभ को लेकर सिविल लाइंस, मम्फोर्डगंज कटरा समेत अन्य मोहल्लों में चाहे जो काम हो रहे हों लेकिन मुख्य ‘कुंभ क्षेत्र’ दारागंज में हालात बेहद खराब हैं। दारागंज में विकास कार्य की मेला प्रशासन की कोई योजना ही नहीं है। जिस मोहल्ले से आधे से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक मेला क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, वहां विकास कार्य कौन कराएगा, यही तय नहीं है। इस ऐतिहासिक मोहल्ले में सड़कें उखड़ी हैं, नालियां टूटी पड़ी हैं, कई जगहों पर सीवर का पानी जमा है लेकिन अब तक यही तय नहीं हो सका कि यहां काम कौन कराएगा। लोक निर्माण विभाग कह रहा कि दारागंज में काम नगर निगम और विकास प्राधिकरण को कराना है लेकिन इन दोनों विभागों को इस मोहल्ले में विकास कार्य की जानकारी ही नहीं है।
सड़कों पर डेढ़-डेढ़ फीट के गड्ढे
दारागंज की सभी प्रमुख सड़कें बख्शी खुर्द, नागवासुकि रोड, कच्ची सड़क पर डेढ़-डेढ़ फीट के गड्ढे हैं। इन सड़कों से मोहल्ले के लोगों को गुजरने में भारी परेशानी होती है। बख्शी खुर्द रोड पर गिट्टी के ढेर पड़े हैं। थोड़ी-थोड़ी दूर पर गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे वाहनों से तो क्या, पैदल निकलना भी मुश्किल है। आए दिन दोपहिया सवार वहां चुटहिल हो रहे हैं।
टूटी सड़कों पर कई घायल
बख्शी खुर्द और कच्ची सड़क पर गड्ढों और गिट्टियां बिखरीं होने के कारण कई लोग घायल हो चुके हैं। स्वास्थ्य कर्मी राकेश त्रिपाठी, लल्लन सिंह, प्राइमरी शिक्षक अनिकेत प्रसाद बख्शी खुर्द सड़क पर दोपहिया फिसलने से गिरे, जिससे उन्हें फ्रैक्चर हो गया। दो के हाथ, एक के पैर में प्लास्टर है। यह हाल तब है जब महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु दारागंज होकर निकलते हैं। मेला प्रशासन की इस लापरवाही से दारागंज के लोगों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन निर्माण कार्यों में जानबूझकर देरी कर रहा है ताकि आखिरी दिनों में आनन-फानन में काम करा बड़ी रकम का गोलमाल किया जा सके।
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महाकुंभ नजदीक है लेकिन मेला तैयारियों के लिहाज से दारागंज की स्थिति बेहद खराब है। सड़कों, नाले नालियों का निर्माण नहीं हो रहा है। सड़कें टूटी हैं। नाले नालियों की स्थिति दयनीय है। मेले के दौरान श्रद्धालु और क्षेत्र के लोगों को परेशानियों से जूझना होगा। -ममता वैश्य, बख्शीखुर्द दारागंज
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दारागंज की उपेक्षा मेला प्रशासन पर भारी पड़ेगी। कारण कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु दारागंज पहुंचते हैं लेकिन काम में जिस कदर लापरवाही बरती जा रही, उससे तय है कि समय पर काम नहीं हो सकेगा। -लल्लू लाल, तिलकनगर
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मेला प्रशासन की तरफ से निर्माण कार्य के बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन दारागंज में कोई कार्य नहीं हो रहा है। स्थिति जस की तस हैं। प्रशासन को इस शिथिलता का खामियाजा भुगतना होगा। -विजय कुमार, नागवासुकि रोड
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बारह बरस बाद महाकुंभ जैसे विश्व स्तरीय धार्मिक मेले का आयोजन हो रहा है। पूरे शहर का कायाकल्प किया जा रहा है, लेकिन मुख्य मेला क्षेत्र दारागंज की उपेक्षा की जा रही है। यह घातक होगा। -मुजीब अहमद, बख्शीखुर्द
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दारागंज में पुराने जीटी रोड को छोड़कर बाकी सभी सड़कों, नाले- नालियों के निर्माण की जिम्मेदारी नगर निगम और विकास प्राधिकरण की है। लोकनिर्माण विभाग का इन निर्माण कार्यों से कोई लेना देना नहीं है। -पंकज बकाया, अधीक्षण अभियंता, लोनिवि

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