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शिक्षकों-प्रधानाचार्यों की जांच लटकी, पढ़ाई पिछड़ी

Allahabad Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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0 माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में लटके हैं अनुशासनात्मक कार्रवाई के सौ से अधिक मामले
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0 अध्यक्ष सहित सदस्यों के सात पद खाली होने से परेशानी बढ़ी
इलाहाबाद। प्रदेश के माध्यमिक शिक्षकों-प्रधानाचार्र्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का मामला लंबित होने के कारण इनका भविष्य अधर में लटके होने के साथ स्कूलों में पढ़ाई लिखाई भी पिछड़ रही है। प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के खिलाफ जांच का काम माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के जिम्मे है। बोर्ड के जिम्मे शिक्षकों के चयन के साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई और शिकायतों का निपटारा करने की जिम्मेदारी है। इस समय चयन बोर्ड में अनुशासनात्मक कार्रवाई के 100 से अधिक मामले लंबित पड़े हैं।
जांच के दायरे में आए प्रदेश भर के शिक्षक और प्रधानाचार्य प्रतिदिन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की प्रगति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों-प्रधानाचार्यों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े कई मामले बिना सिर पैर के प्रबंधन के आरोप पर आधारित हैं। इस कारण से शिक्षकों की परेशानी के साथ ही छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी पिछड़ रही है।
केस: एक
देवरिया के एक इंटर कॉलेज में जून में प्रधानाचार्य अवकाश ग्रहण कर रहे थे, वहां के वरिष्ठ शिक्षक को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का दायित्व मिलना था, इसी बीच प्रबंधक ने अपने किसी खास को प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी सौपने के लिए वरिष्ठ शिक्षक पर कई आरोप लगाकर उन्हें निलंबित कर दिया। इसके बाद इस शिक्षक का मामला माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में सुनवाई और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेज दिया। प्रबंधक की मनमानी का शिकार यह शिक्षक लगातार चयन बोर्ड कार्यालय पहुंच रहे हैं, परंतु उनके मामले की सुनवाई कौन करेगा अभी तय नहीं।
केस: दो
शहर के एक जाने माने कॉलेज के प्रधानाचार्य भी अपने विद्यालय के प्रबंधन के शिकार हैं। उनके प्रबंधक ने उन पर कई कदाचार के आरोप लगाकर काम से हटाने की कोशिश की और कालेज परिसर में भी अशांति फैलाने का प्रयास किया, इसके बाद भी छात्रों के समर्थन के बल पर यह प्रधानाचार्य जमे हुए हैं। इनके मामले की भी सुनवाई भी चयन बोर्ड में पिछले दो वर्ष से लंबित है। यह प्रधानाचार्य कभी सचिव तो कभी बोर्ड के अधिकारियों के पास चक्कर लगाने को विवश हैं।
अध्यक्ष और छह सदस्यों के पद खाली
चयन बोर्ड में फरवरी माह के बाद से ही काम काज पूरी तरह से ठप पड़ा है। इस बीच अध्यक्ष के इस्तीफे और कई सदस्यों के पद खाली होने से बोर्ड का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में इस समय अध्यक्ष और 10 सदस्यों के पद स्वीकृत हैं, इसमें अध्यक्ष के त्याग पत्र के बाद मात्र तीन सदस्य ही काम कर रहे हैं।

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