कुपोषित पहचान होने के बाद घटा 400 बच्चों का वजन

Allahabad Updated Thu, 12 Jul 2012 12:00 PM IST
प्रशासन की तरफ से दी गई पीली पर्ची, गायब हो गया पोषाहार, अब हालत गंभीर
गंभीर कुपोषित बच्चों को बचाने के बजाय लीपापोती में जुटे अधिकारी
इलाहाबाद। गोदाम में जगह न होने का बहाना बनाकर किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले जिले के अधिकारियों ने बच्चों के पोषाहार में भारी गोलमाल किया है। जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ने और कुपोषण से जुड़ी बीमारियों से मौत के मामले की जांच में सामने आ रहा है कि पोषाहार में करोड़ों का गोलमाल हुआ है। कागजों पर जिन गांवों में पोषाहार का लगातार वितरण दिखाया गया है, वहां बच्चों का भार कम हुआ है। मसलन छह माह पहले जिन बच्चों का वजन चार किलोग्राम था, वर्तमान में साढ़े तीन किलोग्राम रह गया। एक दो नहीं, यमुनापार के गांवों में लगभग 400 बच्चों का वजन पिछले छह महीनों में घटा जबकि इन सभी बच्चों के पास पीली पर्ची है। पीली पर्ची का मतलब बच्चे कुपोषित की श्रेणी में चिन्हित हैं और उन्हें दोगुना पोषाहार मिलना चाहिए। दोगुना पोषाहार मिलने के बाद भी बच्चों का वजन लगातार कैसे कम हो रहा, समझा जा सकता है। कुछ बच्चे जो छह माह पहले साधारण तौर पर कुपोषित थे, अब ठीक होने के बजाय गंभीर कुपोषित हो गए। यह जानकर किसी को भी हैरानी होगी कि जिन बच्चों को जनवरी मे सामान्य कुपोषित के तौर पर चिन्हित किया गया, उन्हें पोषाहार दिया गया तो जून तक उनमें से 80 अतिकुपोषित कैसे हो गए?

बच्चों को बचाने केबजाय लीपापोती में जुटे अधिकारी
डीएम के आदेश पर कुपोषण के शिकार बच्चों की मौत के मामले में भले ही जांच शुरू करा दी गई लेकिन अफसरों की पूरी कोशिश है कि किसी भी तरह मामला दबा दिया जाए या जांच की दिशा मोड़ दी जाए। अफसरों को पता है कि बच्चों की मौत में कुपोषण की वजह साबित हो गई तो कई अधिकारी नप जाएंगे। नौकरी बचाने में जुटे अधिकारी उन बच्चों को लेकर बेसुध हैं जो गंभीर कुपोषण के शिकार हैं और अभी जिंदा है।
प्रशासन की तरफ से जो लिस्ट पहले बनाई गई, उसमें हजारों कुपोषित बच्चों का ब्योरा है। जिन बच्चों की मौत हुई, वे गंभीर कुपोषण के शिकार थे, यह बात उनकी पर्ची में दर्ज की गई थी लेकिन इसके बाद भी अधिकारी यह साबित करने में जुटे हैं कि मौत की असली वजह कुपोषण के बजाय कुछ और थी। रिपोर्ट तैयार करने का बाद अफसरों ने यह जानने की जरूरत नहीं समझी की इन कुपोषित बच्चों को पेट भर भोजन मिला या नहीं। अब मौत के मामले का खुलासा हो गया तो अफसर लीपापोती में जुट गए हैं। गांव वालों ने बताया कि अफसरों के वहां आने से पहले ग्राम पंचायत सचिव पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि अफसरों को कुछ न बताएं ताकि उनकी नौकरी बची रहे। गांव वालों का ही आरोप है कि अफसर उन पर गलत बयान देने का दबाव बना रहे हैं। अगर अफसर इसमें सफल हो गए तो बच्चों की तरह इस घटना की जांच भी दफन हो जाएगी और लापरवाह अफसर खुद को कार्रवाई से बचाने में सफल हो जाएंगे।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालु

मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालु इलाहाबाद पहुंच चुके हैं। संगम तट पर चल रहे माघ मेले के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए हुए हैं।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper