आसान नहीं होगी विजय मिश्र की रिहाई

Allahabad Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के सम्मान में दिए गए सरकारी भोज में सपा विधायक विजय मिश्र की मौजूदगी ने एक नई तरह की चर्चा को जन्म दे दिया है। सियासी हलके में चर्चा है कि सरकार विधायक पर दर्ज संगीन मुकदमे उठाना चाहती है। हालांकि कानून के जानकारोें का मानना है कि यह काम सरकार के लिए आसान नहीं होगा। सरकार के अधिकारी तो ऐसी किसी कवायद से ही इनकार कर रहे हैं, मगर अंदरखाने में चर्चा है कि सरकार ने जिलाधिकारी से आख्या मांगी है। विधायक विजय मिश्र पर हत्या, अपहरण, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर जैसे 56 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों को वापस लेने के लिए शासन को ढेरों कानूनी पेचदगियों, अदालत की मंजूरी और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों की कसौटी को पार करना होगा, जो नामुमकिन जैसा ही है। कानून के जानकारों की मानें तो मुकदमा वापसी की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि बिरले मामलों में ही ऐसा संभव हो पाता है। सबसे मुश्किल काम अदालत की मंजूरी मिलना है क्यों सरकार को अदालत में यह साबित करना होगा कि मुकदमा उठाना जनहित में आवश्यक है। अधिवक्ता एसएन गोस्वामी बताते हैं कि सीआरपीसी की धारा 321 में मुकदमा वापसी का प्रावधान किया गया है। लोक अभियोजक शासन को अपनी रिपोर्ट भेजेगा जिसमें उसे यह साबित करना होगा कि यह मुकदमा चलाने की आवश्यकता नहीं है। लोकहित में मुकदमा उठाना आवश्यक है। रिपोर्ट पर शासन मुकदमा उठाने की मंजूरी प्रदान करेगा। मंजूरी मिल जाने के बाद लोक अभियोजक अदालत को यह आवेदन देगा कि सरकार यह मुकदमा वापस लेना चाह रही है। अंतिम निर्णय अदालत का होगा। यदि अदालत की मंजूरी मिल भी जाती है तो मुकदमे के वादी के पास इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार होगा। मुकदमा वापसी की प्रक्रिया में यह साबित करना एक बड़ी चुनौती है कि लोकहित मेें ऐसा करना आवश्यक है। शिवनंदन पासवान बनाम स्टेट ऑफ बिहार में सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि लोकहित का निर्णय सरकार लेगी। मुकदमा वापस लेने की रिपोर्ट भेजते समय लोक अभियोजक को सरकार के निर्देश पर नहीं अपितु स्वयं की संतुष्टी के आधार पर निर्णय लेने का निर्देश है। एसके शुक्ला बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश और राहुल अग्रवाल बनाम राकेश जैन के मामलों में सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि मुकदमा वापस लेने के संबंध में निर्णय लेते समय लोक अभियोजक सरकार के निर्देशों के अनुसार नहीं अपितु स्वयं को कोर्ट का अधिकारी मानते हुए निर्णय लेना होगा। अदालत के साथ ही उसकी भी यह देखने की जिम्मेदारी है कि प्रथम दृष्टया अपराध बनता है या नहीं। विजय मिश्र पर गैंगस्टर के तहत भी मुकदमा है। उनकी संपत्तियां भी सीज की गई हैं। सरकार द्वारा गैंगस्टर का मामला उठाने में तमाम दिक्कते हैं, क्योंकि गैंगस्टर लगाने की संस्तुति जिलाधिकारी करता है। वह इस आशय की रिपोर्ट देता है कि क्यों अभियुक्त पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करना आवश्यक है। एक बार रिपोर्ट देने के बाद जिलाधिकारी पुन: उसके विपरीत रिपोर्ट देना एक मुश्किल प्रक्रिया है। जिलाधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि विधायक विजय मिश्र पर मुकदमों की फेहरिस्त लंबी हैं। इसमें हत्या, लूट, हत्या का प्रयास, अपहरण, रंगदारी वसूल करने जैसे कई संगीन मामले हैं। मुख्य रूप से पूर्व मंत्री नंद गोपाल गुप्ता पर जानलेवा हमला जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। सिपाही सूर्यमणि हत्याकांड, पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के भाई धरणीधर त्रिपाठी की हत्या का मामला, हंडिया में चुनाव के दौरान गोलीबारी जैसे विजय मिश्र पर से मुकदमा उठाने के संबंध में कोई आख्या शासन को नहीं भेजी गई है।


आख्या मांगे जाने की जानकारी नहीं
विजय मिश्र पर मुकदमा उठाए जाने के संबंध में किसी प्रकार की आख्या मांगी गई है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। हमारे कार्यालय से लोक अभियोजक द्वारा इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। राजेंद्र सिंह सचान, प्रभारी वरिष्ठ लोक अभियोजन अधिकारी

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में लगी आग, कई टेंट जलकर हुए खाक

इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में रविवार दोपहर आग लगने से दहशत फैल गयी। माना जा रहा है कि आग दीये से लगी। फायर बिग्रेड की टीम ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग से कई टेंट जलकर खाक हो गए वहीं इस हादसे में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper