विज्ञापन

नुकसान के खिलाफ ले सकते हैं कानून का सहारा

Allahabad Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
इलाहाबाद। सार्वजनिक सेवाओं में उपेक्षापूर्वक की गई कमी से आम जनता को हुए नुकसान की भरपाई के लिए विधिक उपचार उपलब्ध हैं। सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरकर यदि कोई व्यक्ति गिरकर घायल होता है या उसका वाहन क्षतिग्रस्त हो जाता है तो संबंधित विभाग इस नुकसान के प्रति उत्तरदायी होगा। इस प्रकार के मामलों में लॉ ऑफ टार्टस (अपकृत्य विधि)विधिक अनुतोष उपलब्ध कराता है। यह एक अंग्रेजी विधि है, मगर भारत में इसका प्रयोग बहुत कम देखने को मिलता है। देश में ऐसे मामलों में विधिक अनुतोष प्राप्त करने के लिए कई प्रकार के कानून उपलब्ध हैं। सिविल सूट ः सार्वजनिक सेवा में कमी से हुए नुकसान के खिलाफ अदालत में डैमेज सूट दाखिल किया जा सकता है। यह एक सिविल सूट है। पीड़ित व्यक्ति जितनी रकम के नुकसान का दावा करता है उसी के अनुसार उसे कोर्ट फीस जमा करनी होगी। वाद दाखिल करने में उसे उस विभाग या व्यक्ति को पक्षकार बनाना होगा जिसकी उपेक्षा से दुघर्टना हुई। उपभोक्ता फोरम ः सार्वजनिक सेवाएं उपभोक्ता फोरम के क्षेत्राधिकार में भी आती हैं इसलिए सेवा मेें कमी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया जा सकता है। फोरम में वाद दाखिल करने के लिए अपनी लिखित शिकायत अन्य साक्ष्यों चिकित्सकीय प्रमाणपत्र, एक्सरे रिपोर्ट आदि के साथ तीन प्रतियों में फोरम में देनी होती है। इसमें लगभग एक हजार रुपये का खर्च आएगा। स्थायी लोक अदालत ः सार्वजनिक सेवा में कमी के खिलाफ विधिक उपचार प्राप्त करने का सबसे सस्ता और आसान उपाया स्थायी लोक अदालत है। पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत सीधे लोक अदालत में कर सकता है। इसमें कोर्ट फीस या किसी प्रकार का शुल्क नहीं देय नहीं होगा। अपना मुकदमा लड़ने के लिए वकील करना भी आवश्यक नहीं है। स्थायी लोक अदालत में मुकदमे का निस्तारण एक माह के भीतर हो जाता है। इसके फैसले के खिलाफ अपील नहीं हो सकती है, मात्र हाईकोर्ट में रिट की जा सकती है। कोडीफाई नहीं है टार्ट ः कानूनी विशेषज्ञ मोहम्मद हसन जैदी बताते हैं कि लॉ ऑफ टार्ट के जरिए कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक सेवा देने वाली सरकारी या गैर सरकारी एजेेंसी या उपेक्षापूर्ण करने वाला कोई व्यक्ति जिसकी वजह से दूसरे को नुकसान हुआ है अनुतोष प्राप्त कर सकता है। मगर इस विधि का भारत में बहुत कम विकास हुआ है जबकि विदेशों मेें यह काफी लोकप्रिय है। भारत में टार्ट के कुछ विधिक पक्षों जैसे उपभोक्ता फोरम, लोक अदालत आदि का विकास हुआ है और संबंधित कानून बने हैं। मगर अभी भी बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर कानून मौन है।
विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Prayagraj

यूपी: 31021 केंद्रों पर टीईटी परीक्षा आज, 1783716 परीक्षार्थी होंगे शामिल

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) प्रदेश के 75 जिलों के 31021 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में 18 नवंबर को होगी। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से परीक्षा सकुशल पूरी कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।

18 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

‘भाई दूज’ के मौके पर भाई-बहनों ने लगाई यमुना में डुबकी

प्रयागराज में भी भाईदूज के मौके पर  यमुना नदी में स्नान के लिए श्रद्धालु उमड़े। हजारों की संख्या में भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर डुबकी लगाई और दीपदान किया।

9 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree