प्रेरणा से मजबूत होगी पुलिस की बीट

Aligarh Bureauअलीगढ़ ब्यूरो Updated Sun, 30 Aug 2020 01:51 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
अभिषेक शर्मा
विज्ञापन

कानपुर के बिकरू में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या और अब बलरामपुर से आतंकी के दिल्ली पहुंचने की घटना के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी बीट व्यवस्था को मजबूत करने पर जुट गई है। योजना के तहत बीट व्यवस्था को अब आनलाइन किया जाएगा। बीट सिपाहियों को टैबलेट दिए जाएंगे। टैबलेट में डाउनलोड प्रेरणा एप में बीट सिपाही अपने इलाके की सूचना दर्ज करेंगे। थाने में बैठे नोडल अफसर इसकी जांच करेंगे, जिसके बाद एसओ संबंधित सूचना पर अपनी टिप्पणी देंगे। इसकी अलीगढ़ से लखनऊ तक के अफसर आनलाइन मानीटरिंग करेंगे।
बीते मंगलवार शाम को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर डीजीपी ने बीट व्यवस्था के संबंध स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में डीजीपी ने कहा था कि अगर बीट मजबूत होती तो आतंकी बलरामपुर से दिल्ली नहीं पहुंचता, उसे बलरामपुर में ही दबोचा जाना चाहिए था। एक बीट सिपाही के पास इलाके की पूरी सूचना होना जरूरी है। अभी तक सिपाही की बीट बुक सप्ताह, महीने या तिमाही ही चेक होती थी, लेकिन अब प्रेरणा एप के माध्यम से कोई भी कभी भी चेक कर सकता है। बीट सिपाहियों को दिए जाने वाले टैबलेट जिले में पहुंच गए हैं। आवंटन के साथ ही एप चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। फिलहाल, सीसीटीएनएस प्रेरणा एप के बेहतर संचालन के लिए डाटा फीड करने का काम कर रहा है। सिपाहियों को प्रशिक्षण देकर व्यवस्था को लगभग दस दिन के अंदर लागू कर दिया जाएगा।
दो से तीन गांव को मिलकर बनती बीट
बीट सिपाही का कार्यक्षेत्र एसओ स्तर से तय किया जाता है। थाने के क्षेत्रफल और आबादी के अनुसार एक बीट सिपाही को 2 से 4 गांव तक या शहर में 2 मोहल्लों तक की जिम्मेदारी मिलती है। इसका कोई तय मानक नहीं है। जिस थाने की जैसी जरूरत और स्टाफ की उपलब्धता होती है, उस हिसाब से बीट निर्धारण किया जाता है। जिस बीट की हर अच्छी बुरी खबर, हर अच्छे बुरे व्यक्ति की सूचनाओं का ब्योरा बीट सिपाही बीट बुक में रखता है।
54456 रुपये भत्ता मिलता है बीट सिपाही को
थाने में तैनात सिपाही को वेतन के अलावा 2400 रुपये महीने आवास, 188 रुपये वर्दी धुलाई भत्ता, 200 महीने साइकिल भत्ता, 1500 महीने खाना का भत्ता, 3000 रुपये सालाना नई वर्दी के वास्ते मिलते हैं। इस तरह से 4288 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है। पूरे साल का भत्ता जोड़े 51456 रुपये और 3000 रुपये वर्दी के मिला कर ये रकम 54456 रुपये बैठती है।
- पुलिस की कार्यप्रणाली में जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम के लिए बीट पुलिसिंग को मजबूत करने का काम हो रहा है। दस दिन के अंदर जिले में बीट व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत और गंभीर कर उसको डिजिटल करा दिया जाएगा।
- मुनिराज जी, एसएसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X