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स्मार्टफोन पर दोस्ती के फेर में बनाई जा रहीं बालिका वधू, माता-पिता को सताता है ये डर

राहुल दक्ष, अलीगढ़ Updated Sun, 19 May 2019 04:03 PM IST
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स्मार्टफोन से नजदीकी और स्कूल, कॉलेज में लड़कों को दोस्त बनाने की सजा किशोरियों को बालिका वधू बनकर चुकानी पड़ रही है। परिवार वाले खुले विचारों के इस दौर में भी अपनी बेटियों की स्कूल-कॉलेजों में लड़कों से दोस्ती को कुबूल नहीं कर पा रहे हैं। यह बात हम नहीं बल्कि आशा ज्योति केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 181 पर आ रही शिकायतों के रिकार्ड बता रहे हैं। आलम यह है कि डेढ़ माह में हेल्पलाइन नंबर पर बाल विवाह के संबंध में आठ शिकायतें आ चुकी हैं, जबकि इससे पिछले साल छह किशोरियों को आशा ज्योति केंद्र की टीम ने बालिका वधू बनने से बचाया था।
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आशा ज्योति केंद्र की काउंसलरों के अनुसार अपनी बेटियों का बाल विवाह कराने वाले लोगों से जब पूछताछ की गई तो उनके जवाब सुनकर हैरानी हुई। वह बताते हैं कि बेटी बड़ी होने के साथ स्मार्टफोन पर अधिक समय बिताने लगती हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप ने माहौल को खराब करके रखा है। इसलिए समय से उसके हाथ पीले कर किसी भी प्रकार की बदनामी होने का डर मन से निकल जाता है।


181 पर फोन घुमाओ, बालिका वधू बनने से बचाओ

आशा ज्योति केंद्र का जिला पंचायत परिसर में कार्यालय है। केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत कर महिलाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या मदद मांगी जा सकती है। किशोरियों का विवाह रुकवाने की जिम्मेदारी भी केंद्र के कंधों पर है। यहां काउंसलरों के साथ ही पुलिस कर्मी भी तैनात हैं। जो एक ही छत के नीचे महिलाओं को कानूनी, डाक्टरी, पुनर्वास, रोजगार जैसी 16 सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं।

हाल में यह मामले आए सामने

केस नंबर-एक : 17 मई को उड़ान सोसाइटी और 181 की टीम ने हाथरस के सादाबाद ब्लाक के एक गांव में पहुंचकर एक 15 वर्षीय नाबालिग की शादी रुकवाई। किशोरी के आधार कार्ड को देख उसकी उम्र तस्दीक की। किशोरी की शादी मथुरा जिले में होने जा रही थी। टीम की काउंसलिंग के बाद परिवार ने शादी को रोक दिया।

केस नंबर-दो : 13 मई को अतरौली एक गांव में एक 15 साल की किशोरी की ब्याह रुकवाया। किशोरी ने पूछताछ में बताया कि उसका जबरन ब्याह कराया जा रहा है। परिवार के लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बेटी के दिन भर फेसबुक और व्हाट्सएप पर आनलाइन रहने के कारण उस पर शक जाहिर किया। 5 मई को दादों में एक 13 साल की बच्ची को उसके परिवार वाले ब्याह रहे थे। 181 की टीम के पास शिकायत आई तो टीम वहां पहुंची। किशोरी का जीवन बर्बाद होने से बचाया।

केस नंबर-तीन :  20 अप्रैल को गोंडा के एक गांव में 16 वर्षीय किशोरी का विवाह 181 की टीम ने रुकवाया। किशोरी स्मार्टफोन पर बात करती थी। इससे परिवार वालों को शक था कि किशोरी का किसी लड़के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। टीम की काउंसलिंग के बाद परिवार के लोगों का बेटी के प्रति शक खत्म हुआ।

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