विज्ञापन

राष्ट्रीय बालिका दिवसः बेटी सशक्त होंगी तो देश भी सशक्त होगा

Aligarh Bureauअलीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 25 Jan 2020 01:51 AM IST
विज्ञापन
ताला नगरी अमर उजाला कार्यालय में ट्री ऑफ लाइफ कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं।
ताला नगरी अमर उजाला कार्यालय में ट्री ऑफ लाइफ कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
ख़बर सुनें
बालिकाएं किसी भी मामले में बालकों से कम नहीं हैं। उनके जीवन में कोई बाधाएं न आने दें। उन्हें खुले माहौल में हंसने, खिलखिलाने और कामयाबी की बुलंदी तक पहुंचने का मौका दें। यह मौका समाज के साथ परिवार को देना होगा, तभी बेटियां सशक्त होंगी तो देश भी सशक्त होगा। ये बातें शुक्रवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर अमर उजाला कार्यालय तालानगरी में आयोजित अमर उजाला ट्री ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम में शिरकत करने आईं शहर की महिला शिक्षाविदें व खिलाड़ियों ने कहीं। उन्होंने कहा कि बालिका दिवस केवल एक दिन के लिए नहीं, बल्कि 365 दिन मनाना चाहिए।
विज्ञापन
शिक्षाविद् व खिलाड़ी के बोल
बेटियों के दो रूप होते हैं। जब वह बेटी होती है तो माता-पिता से अपनी फरमाइश करती है, लेकिन शादी के बाद वह ससुराल के लोगों की फरमाइश पूरी करती है। बेटियों को उनके अभिभावक शिक्षित करें, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकें। बेटी के जन्म लेने पर खुशी मनानी चाहिए। सरकार को बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा पर और फोकस करना चाहिए।
- पारुल जिंदल, डायरेक्टर, बचपन प्ले स्कूल सासनीगेट
लड़कियों को लेकर लोगों को सोच बदलनी होगी। भ्रूण लिंग परीक्षण पर भले ही रोक लगी हो, लेकिन आज भी कहीं न कहीं जांच होती है। इसलिए कह रही हूं कि सोच में बदलाव जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होगा तो दुनिया में आने से पहले ही उन्हें गर्भ में मार दिया जाएगा। इससे सामाजिक संरचना भी प्रभावित होती है। बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाएं।
-डॉ. नीता वार्ष्णेय, शिक्षिका टीआर कन्या डिग्री कॉलेज
संविधान ने स्वतंत्रता व समानता का अधिकार दे रखा है, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिलता। खासतौर से बालिकाओं को लेकर। सामाजिक विसंगतियों के चलते बेटा और बेटी में भेदभाव किया जाता है, जबकि गार्गी, मैत्री, कात्यानी ने पुरुष विद्वान से शास्त्रार्थ भी किया है। इसलिए बेटियों के पालन-पोषण में कोई भेदभाव न करें, क्योंकि मां कभी बेटी भी थी।
-डॉ. सुमन रघुवंशी, शिक्षिका टीआर कन्या डिग्री कॉलेज
बालिका दिवस 365 दिन मनाना चाहिए। केवल एक दिन मनाने से बाकी 364 दिन बालिका की बेकद्री हो। यह ठीक नहीं है। बालिका एक तिनका होती है, जो समुद्र में तैरता रहता है। तिनका समुद्र पर बोझ नहीं होता है, जैसे बेटियां परिवार पर नहीं होतीं। वह खुद को हर परिस्थितियों में ढाल लेती है। बेटियां संस्कृति की संवाहक, ईश्वर की अनुकंपा होती हैं।
- नीलम शर्मा, प्रिंसिपल जीजीआईसी, छर्रा
बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाएं। उनमें हर परिस्थितियों से जूझने की ताकत पैदा करें। बेटियों को खूब पढ़ाएं, जब तक वह पढ़ना चाहे। उसके दहेज के लिए सामान न बटोरें। जब वह आत्मनिर्भर हो जाएगी, तो स्वयं ही आने वाली परेशानियों से पार पा लेगी। बेटा-बेटी में भेदभाव बिल्कुल नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो यह सामाजिक विकृति है।
-डॉ. मंजू गौड़, प्रिंसिपल, गुरुकुल पब्लिक स्कूल खैर
बेटियों को आत्मरक्षा का तरीका आना चाहिए। वह हर स्तर पर आने वाली परेशानियों से निपट सके। बेटियों को समान अधिकार मिले। जब बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी, तो उनके पास पैसा होगा और पैसा ही पावर है। सशक्तीकरण के लिए बेटियों को कोई न कोई हुनर आना चाहिए। इसके लिए उनके अभिभावकों की काउंसिलिंग होनी भी चाहिए।
- आरती मित्तल, प्रिंसिपल, मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल
शिक्षा हर बीमारी का इलाज है। अगर सभी शिक्षित हो जाएंगे तो अपना बुरा-भला समझ सकते हैं। निर्धन लोगों की काउंसिलिंग हो, जो अपनी बेटियों को हरहाल में पढ़ा सकें।
- सुषमा शर्मा, शिक्षिका, मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल
मैं जो कुछ भी हूं, अपने माता-पिता के सहयोग की बदौलत से हूं। अगर उनका सहयोग न मिला होता तो खेल के क्षेत्र में करियर न बना पाती। इसलिए माता-पिता को अपनी बेटियों का सहयोग करें।
-अनुभूति शर्मा, क्रिकेट कोच, स्टेडियम
बेटियों को उनके अभिभावकों से सहयोग मिलना चाहिए। उन पर उन्हें भरोसा कायम रखना चाहिए। बेटियों पर विश्वास अभिभावक करेंगे तो बेटियां आगे बढ़ पाएंगी। नाम रोशन करेंगी।
- कल्पना चौधरी, एथलेटिक्स कोच, स्टेडियम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us