जीएसटी के विरोध में कपड़ा दुकानें बंद, प्रदर्शन

ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Tue, 18 Jul 2017 01:23 AM IST
 Cloth shops closed, protest against GST
जीएसटी के विरोध में कपड़ा दुकानें बंद, प्रदर्शन - फोटो : Dig Vishal
 आजादी के बाद पहली बार कपड़ा (रेडीमेड नहीं) पर जीएसटी लगाकर कर के दायरे में लाने से आक्रोशित व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध दर्ज किया। महानगर में रैली निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली एवं भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। व्यापारियों का कहना है कि सरकार कफन पर टैक्स लगाना बंद करे।  
 1 जुलाई से देश में जीएसटी लागू होने के बाद कपड़ा व्यापारी भी जीएसटी के दायरे में आ गए हैं। सोमवार को महानगर के अधिकतर छोटे-बड़े कपड़ा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध किया। दि अलीगढ़ क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन के तत्वावधान में व्यापारियों ने पत्थर बाजार स्थित बापू मार्ग से रैली निकालकर विरोध दर्ज किया।

व्यापारी पत्थर बाजार, बारहद्वारी, महावीरगंज, रेलवे रोड, कबर का कुत्ता, कठपुला होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। रैली में शामिल व्यापारी मुंह पर काली पट्टी बांधे थे। वहीं जोश में आए युवा व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली एवं भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। रैली में जीएसटी हाय-हाय के नारे भी लगे। कलेक्ट्रेट पर व्यापारियों ने अपनी मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।  

दोपहर तक बंद का व्यापक असर देखने को मिला। गल्ली गुल्लूजी, दुबे का पड़ाव, मामू भांजा, कनवरीगंज, ऊपर कोट, खैर अड्डा, जयगंज, बारहद्वारी, सेंटर प्वाइंट, रामघाट रोड एवं अब्दुल करीम चौराहे से लेकर कबर का कुत्ता तक की अधिकतर कपड़े की दुकानें बंद रही।

कई बड़े दुकानदारों ने तो शाम तक दुकानें नहीं खोलीं। प्रदर्शन में एसोसिएशन के संरक्षण बल्देव राज अरोड़ा, यशपाल गुप्ता, जीएसटी समन्वय समिति के संयोजक गणेश घूंघट, सह संयोजक डॉ. संजय सिंघल, अनिल शुभम, हीरालाल वार्ष्णेय, श्याम राजमहल, अनिल शिव, पवन बजाज, राजीव अग्रवाल, नीरज कुमार, हर्ष गुप्ता, जितेंद्र कुमार, विष्णु बजाज, दिलीप कुमार, राजेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, नवेंद्र जैन, मजहर अली, ललित गुप्ता आदि शामिल हुए। समन्वय समिति के सह संयोजक डॉ. संजय सिंघल ने बताया कि रैली में खैर, गभाना एवं अतरौली आदि के भी व्यापारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जीएसटी के विरोध में बंद शत-प्रतिशत सफल रहा। 

प्रमुख मांगें....
- जीएसटी की रजिस्ट्रेशन प्रणाली छोटे एवं अशिक्षित व्यापारियों के लिए असंभव है। 
- जन्म से लेकर मृत्यु तक कपड़े की उपयोगिता है। रोटी व मकान के बिना काम चल जाएगा, लेकिन कपड़े के बिना नहीं। 
- मासिक, त्रैमासिक एवं वार्षिक विवरणी देना आवश्यक है, यह असंभव है। 
- टैक्स लगने पर कपड़े को बदलने की प्रक्रिया असंभव।
- कपड़ा मिलों द्वारा डिफेक्टेड माल दुकानों पर आता है, माल वापसी पर जीएसटी का भुगतान असंभव है।
- कपड़े के व्यापार में रहतिया (डैड स्टॉक) बनता रहता है। जीएसटी की सीमा में डैड स्टॉक की बिक्री असंभव है।
- माल खरीद की विवरणी जीएसटी की समय सीमा में देना असंभव है। 

आगरा महारैली में शामिल होंगे व्यापारी
अलीगढ़। जीएसटी के विरोध में आगरा में कपड़ा व्यापारी शुक्रवार को महारैली का आयोजन कर रहे है। इसमें अलीगढ़ के कपड़ा व्यवसायी भी शामिल होंगे। अलीगढ़ के व्यापारी सूरत एवं अहमदाबाद आदि शहरों के आंदोलित व्यापारियों के भी संपर्क में हैं। 

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