विज्ञापन
विज्ञापन

आयोध्या मामले पर पुनर्विचार याचिका संवैधानिक पर बोर्ड का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण

Aligarh Bureauअलीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 18 Nov 2019 05:02 AM IST
AMU
AMU
ख़बर सुनें
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि संकाय के पूर्व डीन व मुस्लिम पर्सनल लॉ एंड ज्यूडिशरी पुस्तक के लेखक प्रो. मोहम्मद शब्बीर का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिला करना संवैधानिक अधिकार है। लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
विज्ञापन
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य रह चुके प्रो. शब्बीर ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला ऐतिहासिक है। भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के लोगों की इस पर नजर थी। यह फैसला इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। न्यायालय ने विवादित जमीन पर ट्रस्ट के जरिये मंदिर बनाने और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है। प्रो. शब्बीर का कहना है कि फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय दो हिस्सोें में बंट गया है।

एक धड़े का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद का अंत हो गया। इससे हिंदू-मुस्लिम के बीच के झगड़े का कारण खत्म हो गया।। इसमें मैं भी शामिल हूं। फैसले की कानूनियत एवं नैतिकता पर नुक्ताचीनी न करें। लेकिन दूसरे धड़े को एतराज है।
उनका कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय यह मानता है कि मस्जिद को गैर कानूनी तरीके से गिराया गया था। गलत तरीके से मूर्तियां रखी गई थीं। न्यायालय यह भी मानता है कि मुसलमान वहां नमाज पढ़ते थे। ये लोग कानून की रोशनी में इंसाफ की मांग कर रहे हैं। इसलिए पांच एकड़ जमीन लेने को तैयार नहीं हैं।

प्रो. शब्बीर कहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय ने फैसले में संविधान के अनुच्छेद 142 का प्रयोग किया है ताकि हिंदू मुस्लिम के बीच का वैमनस्यता खत्म हो जाए और सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे। हिंदुओं से करीब दोगुना 5 एकड़ जमीन (सूटेबल एवं प्रॉमिनेंट स्थान पर) मस्जिद के लिए देने का आदेश दिया गया है, जबकि मुसलमानों ने इसके लिए कोई मांग नहीं की थी। प्रो. शब्बीर का कहना है कि पुनर्विचार याचिका दाखिला करना संवैधानिक अधिकार है। लेकिन यह सर्वोच्च न्यायालय का सर्वमान्य फैसला है। मुझे नहीं लगता कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपने मकसद में कामयाब हो पाएगा।
विज्ञापन

Recommended

प्रथम श्रेणी के दुग्ध उत्पादों के लिए प्रतिबद्ध है धौलपुर फ्रेश
Dholpur fresh

प्रथम श्रेणी के दुग्ध उत्पादों के लिए प्रतिबद्ध है धौलपुर फ्रेश

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
Astrology Services

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Aligarh

खाने के विवाद पर पत्नी पहुंची थाने, पति फंदे पर झूला

खाने के विवाद पर पत्नी पहुंची थाने, पति फंदे पर झूला

9 दिसंबर 2019

विज्ञापन

रेलवे शुरू कर रही है ये नई योजना, देखें कारोबार की बड़ी खबरें

रेलवे ने यात्रियों के लिए 'खुशियों की डिलीवरी' शुरू की है। एसबीआई ने MCLR में कटौती का एलान किया है। भारती एयरटेल की प्रवर्तक भारती टेलीकॉम ने सिंगापुर की सिंगटेल और अन्य विदेशी कंपनियों से 4,900 करोड़ के निवेश के लिए केंद्र से अनुमति मांगी है।

9 दिसंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election