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अपराजिताः छिनैती से बचना हो तो बाएं हाथ में पकड़े मोबाइल-पर्स

Aligarh Bureauअलीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 17 Feb 2020 01:57 AM IST
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ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देते मोहम्मद अहमद, कौसेन खान।
ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देते मोहम्मद अहमद, कौसेन खान। - फोटो : CITY OFFICE
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भीड़ भरा रास्तों हो या फिर सुनसान सड़क... महिलाओं के साथ अक्सर पर्स और मोबाइल लूट व छिनैती की घटनाएं होती रहती हैं। इसको लेकर महिलाएं खौफ में रहती हैं। उनके मन में तमाम शंकाएं भी रहती हैं। उनकी इन्हीं शंकाओं और खौफ को दूर किया गया अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में। कार्यक्रम में ताइक्वाडो प्रशिक्षकोें ने उन्हें समझाया कि वो मोबाइल और पर्स हमेशा बाएं हाथ में पकड़े। साथ ही घटना होने पर घबराएं नहीं। तकनीक का इस्तेमाल कर खुद का बचाव करें।
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत रविवार को आभा होटल में आयोजित कार्यक्रम में ताइक्वांडो ट्रेनर मोहम्मद अहमद व कौसेन खान ने महिलाओं को शरीर के कमजोर अंग और मजबूत अंगों जैसे-कोहनी, घुटना, सिर के बारे में बताया। पर्स और मोबाइल छिनैती से बचने के लिए दोनों वस्तुओं को बांये हाथ में रखने की सलाह दी। कौसेन ने महिलाओं से कहा कि अपनी रक्षा के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है। बल्कि, तकनीक मन में रखना और मुसीबत के समय घबराए बिना उनका उपयोग करने से भी आप सुरक्षित रह सकती हैं। इस दौरान महिलाओं ने संकल्प लिया कि वह अपराजिता की चैन को आगे बढ़ाएंगी। हर महिला को अपराजिता से जोड़ने के लिए प्रयासरत रहेंगी ताकि हर चेहरे पर मुस्कान लाई जा सके। इस मौके पर साधना गुप्ता, मीनाक्षी शर्मा, ज्योति माहेश्वरी, लता माहेश्वरी, सुनीत माहेश्वरी, सीमा गुप्ता, पूनम वार्ष्णेय, कंचन माहेश्वरी, प्रतिभा माहेश्वरी, शालू माहेश्वरी, नीतू वार्ष्णेय आदि मौजूद रहीं।
ये बोलीं महिलाएं
- महिलाओं के आत्मविश्वास और उनकी गरिमा के लिए आयोजित अपराजिता कार्यक्रम अच्छा लगा। निश्चित ही समाज में बदलाव आएगा। - अर्पिता माहेश्वरी
- पर्स और मोबाइल छिनैती आम सी हो गई है। लेकिन वास्तव में नहीं पता था कि बांये हाथ पर रखने से छिनैती की संभावना कम हो जाएगी। - देविका माहेश्वरी।
- अपराजिता ने आत्म विश्वास तो बढ़ाया ही। साथ ही अपनी सुरक्षा करना भी सिखा दिया। मैं अपराजिता कार्यक्रम से अपने स्कूली बच्चों को जरूर जोड़ूंगी। - सुनीता गंगल।
- महिलाओं, युवतियों और बच्चों को आत्मरक्षा के गुर अवश्य सीखने चाहिए। क्योंकि खुद की रक्षा करना सीख गए तो समाज में कहीं डर नहीं लगेगा। - नेहा माहेश्वरी।
अपराजिताः महिलाओं को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देते मोहम्मद अहमद, कौसेन खान।
अपराजिताः महिलाओं को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देते मोहम्मद अहमद, कौसेन खान।- फोटो : CITY OFFICE
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