व्यवस्था में कमी या उम्मीदों का उफान?

Aligarh Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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अलीगढ़। एएमयू के विभिन्न स्कूल कॉलेजों में एडमिशन के दौरान हुई टकराव और असंतोष की घटनाओं के बाद विचारणीय प्रश्न यह है कि क्या एएमयू प्रशासन के इंतजामों में कोई कमी रह गई या अभ्यर्थी ही अपनी उम्मीदें कुछ ज्यादा लगा बैठे। जिसके बाद वह चांस मीमो में नाम आने मात्र को ही मान बैठे कि उनका एडमिशन तय है।
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गुरुवार को एडमिशन को लेकर प्लस टू ब्वायज स्कूल में कुछ अभ्यर्थियों ने शिक्षकों के साथ हाथापाई तक कर दी। इंजीनियरिंग कॉलेज में एडिमशन लेने आए अभ्यर्थियों ने रिपोर्ट करने के लिए बहुत ही कम समय देने का आरोप लगाया। वीमेंस कॉलेज में एडमिशन को लेकर हंगामी हालात हो गए। छात्राओं के अभिभावकों ने कुर्सियां फूंक डाली। मौके पर पहुंचे छात्र नेताओं ने कंट्रोलर से बातचीत का भरोसा दिलाया था। पूरे प्रकरण पर एएमयू के जनसंपर्क अधिकारी डा.राहत अबरार कहते हैं कि प्रवेश परीक्षा के बाद दो इंटिमेशन लिस्ट निकलती हैं। एक उन अभ्यर्थियों की सूची जिनका नाम क्लीयर कट लिस्ट में होता है। एक वह सूची जो पहली सूची के बाद सीटें खाली बच जाती हैं। इसके बाद नोमिनेशन श्रेणियों में एडमिशन शुरू होते हैं। चांस मीमो वाले नोमिनेशन आदि पर होने वाले एडमिशन की श्रेणियों का पता नहीं लगाते और यह प्रचारित करना शुरू कर देते हैं कि उनका एडमिशन हो गया है हमारा नहीं हुआ। उन्हें पहले वास्तविकता पता लगाना चाहिए। अगर कुछ एतराज है तो आरटीआई या संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रख सकते हैं।
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