क्या सफर में रोजा रखना अफजल है?

Aligarh Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
अलीगढ़ (ब्यूरो)। माह ए रमजान में अगर आप किसी दूसरे शहर में गए हैं तो आप पर रोजा फर्ज नहीं होगा, बल्कि आप अपनी सहूलियत के हिसाब से रोजा रख सकते हैं। अगर रोजा रखने में परेशानियों का अंदेशा हो रहा हो तो रोजा न रखना ही अफजल है। जमीअत उलेमा ए हिंद की हेल्पलाइन के मुफ्ती तहा अली नदवी ने बताया कि सफर में नमाज में भी रियायत दी गई है। इसी तरह सफर में रोजा अपनी इच्छा के अनुसार रखा जा सकता है। अगर उसे लगे सफर के दौरान रोजा रखने में कोई दुश्वारी नहीं आ रही है तो वो रोजा रख सकता है।

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