सीएम साहब! ‘गुड्डू-पप्पू’ से बचाओ

Aligarh Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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अलीगढ़। एनआरआई मुशीर हसन खां को अपने ही सौतेले भाई से जान का खतरा हो गया है। इस आरोप ने अलीगढ़ से लखनऊ तक सनसनी मचा दी है, स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया है। यह आरोप मुजाहिद हसन गुड्डू और खालिद हसन पप्पू पर लगाया है। आरोप लगाने वाले उनके ही सौतेल भाई मुशीर हसन खां हैं, जो सउदी अरब के किंग खालिद एअरपोर्ट के ऑपरेशन एंड मैंटीनेंस स्टाफ इंचार्ज पद पर कार्यरत थे। 1981 में दुबई गये मुशीर जनवरी 2012 में परिजनों को जान का खतरा देख कर स्वदेश आ गये। एनआरआई मुशीर ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और जिलाधिकारी आलोक कुमार को गुड्डू-पप्पू का पूरा ब्यौरा भेज कर कार्रवाई और जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, इस मामले में मुजाहिद हसन गुड्डू का कहना है कि मुशीर के कारण ही उनकी कोठियां सीज हुई थीं। सभी आरोप निराधार हैं मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। वह कहते हैं कि बसपा शासनकाल में उल्टे उन्हीं का उत्पीड़न हुआ था। मुशीर ने बताया कि उनके पिता शब्बीर हसन खां स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनकी दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी अकीला बेगम उनकी मां थीं जबकि दूसरी बिर्जिस बेगम गुड्डू और पप्पू की मां बनीं। 1963 में पिता के इंतकाल के बाद 15 साल छोटे गुड्डू और पप्पू की परवरिश भी उन्होंने की। गुड्डू पप्पू ने उनकी पैतृक और उनकी निजी संपत्ति पर कब्जा जमा लिया। जिसमें बरूला मार्केट, सर सैयद नगर का प्लाट, बरगद हाउस प्लाट सहित दूसरी संपत्ति शामिल हैं। बरगद हाउस संपत्ति वक्फ से मुशीर के नाम से किरायेनामे पर है।
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