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एटीएस ने मथुरा से पकड़े हथियारों के सप्लायर

Aligarh Updated Thu, 06 Nov 2014 05:30 AM IST
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सिटी व डेस्क प्रभारी के ध्यानार्थ....आगरा की खबर के बजाय..इसी का प्रयोग करें....
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अलीगढ़। यूपी सहित तीन राज्यों में अवैध हथियारों की सप्लाई मध्य प्रदेश के खंडवा से हो रही है। काफी तादाद में हथियारों को सप्लायर दूसरे जिलों में पहुंचा रहे हैं। यह खुलासा अलीगढ़ एटीएस की टीम ने मथुरा में अलीगढ़-हाथरस के दो सप्लायरों की पकड़ने के बाद किया है। यह सप्लायर दोगुने मुनाफे पर 15 से 20 हजार में हथियार बेचते हैं।
अलीगढ़ एटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि मध्य प्रदेश से यूपी में हथियारों की सप्लाई की जानकारी मिल रही थी। मथुरा में हथियारों के लाने की जानकारी पर सिपाही अशोक कुमार, अवधेश कुमार और संजय सिंह के साथ बुधवार सुबह घेराबंदी करके दो लोगों को पकड़ लिया। इनमें अलीगढ़ के गोंडा निवासी अखिल कुमार और हाथरस के सासनी का शिशुपाल सिंह है। उनके पास से पांच पिस्टल (32 बोर) और दो मोबाइल बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि मध्य प्रदेश के खंडवा में बुढ़हानपुर से हथियार आते हैं। यहां पर सिखलिस जाति के लोग हथियारों को तैयार करते हैं। यह लोग एमपी और महाराष्ट्र के बार्डर पर सक्रिय रहते हैं। यहां से एक-दूसरे राज्य में हथियार ले जाना काफी आसान भी रहता है। शिशुपाल सात से आठ हजार रुपये में हथियारों को खरीदकर लाता है। यूपी में आने के बाद अखिल हथियारों को अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों में सप्लाई के लिए ले जाता है। यहां से वो हरियाणा तक हथियार ले जाता है। उनको 15 से 20 हजार रुपये में बेचाता है। एटीएस काफी लंबे समय से इस गैंग की धरपकड़ में लगी है। जेल में बना तस्करी का गैंग एटीएस प्रभारी एसके त्यागी की मानें तो अखिल वर्ष 2011 में एक मुकदमे में जेल गया। वहीं उसकी मुलाकात कुछ ऐसे लोगों से हुई तो हथियारों की तस्करी में सक्रिय हैं। इसके बाद उसने सीधे एमपी में संपर्क साधा और अपने मित्र शिशुपाल को कैरियर के रूप में प्रयोग करते हुए काम शुरू कर दिया। वह शिशुपाल को 1 हजार रुपये प्रति रोज इस धंधे में शामिल रहने के लिए देता है। पूछताछ में अखिल व शिशुपाल ने यह बात स्वीकारी कि अखिल एडवांस में एमपी में सरगना को एकाउंट में रकम देता और वहां से संदेशा आने पर शिशुपाल हथियार लेने जाता। रास्ते में कहीं अखिल की मुलाकात होती।

छत्तीसगढ़ से जुड़ा तो नहीं लिंक!
पिछले साल हथियार मध्यप्रदेश के धार से नक्सली ईश्वर प्रधान के यहां से आने पर पुलिस टीम ने बरसाना में डेरा जमाया था। इस दौरान घेराबंदी करके तीन अभियुक्तोें को हथियारों की सप्लाई करते हुए दबोच लिया। इसके बाद दो अभियुक्तों ने खालिद उर्फ खुल्ली मेव के पास भारी मात्रा में हथियार होने की जानकारी दी थी। हथियारों की बरामदगी को लेकर दबिश की तैयारी की गई थी। पुलिस ने खालिद को घर से दबोच लिया। मुठभेड़ में सिपाही सतीश की गोली लगने से मौत हो गई थी। तब सामने आया था कि एक गिरोह के लिंक छत्तीसगढ़ में हैं। हालांकि एटीएस प्रभारी का कहना है कि पकड़े गए सप्लायरों के तार छत्तीसगढ़ से जुड़े होने की बात सामने नहीं आई है।
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