14 साल की पूनम के गले में 50 मेडल

Aligarh Updated Sat, 25 Jan 2014 05:44 AM IST
अलीगढ़। यह एक ऐसी बेटी की हकीकत है जो रोज समस्याओं से टकराकर जीवन पथ पर आगे बढ़ रही है। 14 साल की इस बिटिया ने अभी तक 50 से अधिक मेडल जीतकर देश-प्रदेश में अपने मजदूर मां-बाप और जनपद का नाम रोशन की है।
बरौली फतहपुर की पूनम कुमारी आगरा रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा 9 की छात्रा है। दौड़ना इसका जुनून है और बहुत दूर तक (इंटरनेशनल एथलीट बनना चाहती है) दौड़ना चाहती है। अभी तक चार बार नेशनल एथलेटिक्स गेम्स में भाग ले चुकी है। कक्षा 5 से दौड़ रही पूनम अभी तक राष्ट्रीय, प्रदेश स्तरीय एवं क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक गोल्ड एवं सिल्वर मेडल जीत चुकी है। विख्यात एथलीट पीटी ऊषा को आदर्श मानती हैं। पूनम के पिता हरदेश सिंह एवं मां गीता देवी मजदूर है। चार बहनों में पूनम तीसरे नंबर पर है। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है और छोटी बहन रीना भी एथलीट है। पूनम रोज 5 किलो मीटर साइकिल चलाकर स्कूल आती है। यह साइकिल भी उसे 2012-13 में सैफई में आयोजित 58वें नेशनल स्कूल गेम्स में प्रथम स्थान हासिल करने पर पुरस्कार स्वरूप मिली थी। पूनम का जुनून देखकर स्कूल प्रशासन उसकीपढ़ाई से लेकर डाइट तक का खर्च उठाता है। पूनम कहती है कि वह इंटरनेशनल एथलीट बनकर देश के लिए गोल्ड जीतना चाहती है। पूनम के प्रशिक्षक कुंवर सिंह कहते हैं कि यह स्कूल की सबसे बढ़िया खिलाड़ी है। परिश्रम करती रही तो इंटरनेशनल एथलीट बनेगी। स्कूल प्रबंधक ओपी मास्टर कहते हैं कि पूनम ने स्कूल एवं जनपद का नाम रोशन किया है। आर्थिक तंगी को उसके पढ़ाई एवं खेल में बाधा नहीं बनने दी जाएगी। वह अलीगढ़ की बेटी है और इस बेटी पर अलीगढ़ को नाज है।

Spotlight

Most Read

Jharkhand

चारा घोटाला: चाईबासा कोषागार मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, तीसरे केस में लालू दोषी करार

रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के तीसरे मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। साथ ही पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी दोषी ठहराया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

चमत्कार : शिवलिंग हटाने की कोशिश की तो निकले सैकड़ों सांप

भारत को आस्था और चमत्कारों का देश क्यों कहते हैं उसका एक वीडियो हम आज आपको दिखाने जा रहे हैं। वीडियो यूपी के हाथरस का है जहां एक पुराने शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का काम चल रहा था। अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको अपनी ओर खींच लिया।

17 जनवरी 2018