हर साल खाली रह जाती हैं एमडी-एमएस की सीट

Aligarh Updated Wed, 22 Jan 2014 05:44 AM IST
अलीगढ़। पीएचडी एवं एमफिल में प्रवेश को लेकर एएमयू प्रशासन पर आरोप लगा रहे छात्र-छात्राओं का मामला अभी थमा भी नहीं कि जेएन मेडिकल कॉलेज में एमडी और एमएस में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के गाइड लाइन को नजर अंदाज करने का मामला सामने आ रहा है। छात्रों का कहना है कि इसकी वजह से जेएन मेडिकल कॉलेज में एमडी और एमएस में हर साल कई सीट खाली रह जाती हैं।
जेएन मेडिकल कॉलेज में एमडी, एमएस और विभिन्न ब्रांचों में डिप्लोमा के लिए कुल 175 सीट हैं। इनमें से 50 प्रतिशत सीट पर ऑल इंडिया टेस्ट द्वारा छात्र-छात्राओं को दाखिला मिलता है। शेष 50 प्रतिशत सीट एएमयू इंटरनल छात्र-छात्राओं के लिए होती हैं। छात्रों का कहना है कि इंटरनल छात्रों को टेस्ट में शामिल होने के लिए अधिकतम तीन चांस दिए जाते हैं, जबकि एमसीआई गाइड लाइन में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। छात्र डॉ. परवेज मो. खान ने इस संबंध में फैकल्टी ऑफ मेडिसन एवं कंट्रोलर ऑफिस से आरटीआई के तहत सूचना मांग कर पूरे प्रक्रिया का अध्ययन किया। इससे पता चला कि वर्ष 2013 में विभिन्न कोर्साें में 14 सीट खाली रह गई। उल्लेखनीय यहभी है कि आरटीआई के माध्यम से छात्रों को जो सूचना उपलब्ध कराई गई, वह काउंसलिंग के तुरंत बाद की है। बहुत से छात्र ऐसे भी होते है जो एडमिशन के बाद ब्रांच छोड़ देते हैं। आरडीए पदाधिकारियों द्वारा सर्जरी विभाग से मांगी गई सूचना में बताया गया कि 2012 में ज्वाइनिंग के बाद चार छात्र रिजाइन देकर चले गए।

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