पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया की जांच के लिए कमेटी गठित

Aligarh Updated Mon, 20 Jan 2014 05:44 AM IST
अलीगढ़। पीएचडी एवं एमफिल प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित मसले की जांच के लिए एएमयू कुलपति ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी को 23 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट देनी है। उस समय तक प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
रविवार को पीएचडी एवं एमफिल में प्रवेश से संबंधित मसलों पर विचार करने के लिए कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने विभिन्न संकायों के डीन के साथ बैठक की। उसके बाद उन्होंने पीएचडी एवं एमफिल मसलों की जांच के लिए थियोलॉजी संकाय के डीन प्रो. सऊद आलम कासमी, विधि संकाय के डीन प्रो. इकबाल अली एवं ओएसडी टू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन एंड एडमिशन की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। सह कुलपति एस अहमद अली ने बताया कि कमेटी को अपनी रिपोर्ट 23 जनवरी तक देनी है। उस समय तक के लिए प्रवेश पर रोक दी गई है। इधर रविवार को लगातार दूसरे दिन अवकाश के बावजूद दर्जनों छात्र प्रशासनिक ब्लॉक के सामने दिन भर जमे रहे। उनका कहना है कि एएमयू में पीएचडी में दाखिला में उच्चतम न्यायालय की रूलिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि इंटरव्यू का वेटेज 15 प्रतिशत से अधिक नहीं दिया जाए, जबकि यहां इंटरव्यू का वेटेज 75 फीसदी दिया जा रहा है। इसका लाभ उठाकर विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारी अपने पसंद के छात्रों को प्रवेश दे देते हैं और योग्य छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। एएमयू से एमफिल करने वाले भी प्रवेश के लिए मारे-मारे फिर रहे है।

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