किताबें डिजिटल करने का काम तेज होगा

Aligarh Updated Wed, 19 Dec 2012 05:30 AM IST
अलीगढ़। एएमयू के लाइब्रेरी एंड इंफोरमेशन साइंस विभाग द्वारा वेब कंटेंट मैनेजमेंट पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कुलपति जमरीउद्दीन शाह ने की।
उन्होंने कहा कि अब पुस्तकों को बड़ी संख्या में डिजिटल कराया जा रहा है और बहुमूल्य पुस्तकें इंटरनेट पर भी उपलब्ध हो रही हैं। उनकी कोशिश होगी कि डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को और गति दी जाए। मुख्य अतिथि हैदराबाद की राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज टेक्नोलोजी के प्रो.एन लक्ष्मणराव ने कहा कि टेक्नॉलोजी विकसित होने से लाइब्रेरी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ छात्र वेबसाइट तैयार कर 30 से 40 हजार रुपये कमाते हैं। विशिष्ठ अतिथि प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि 1940 में पहली बार अमेरिका में कंप्यूटर का इस्तेमाल का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने टेक्नॉलोजी और दर्शन के बीच के संबंधों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के निदेशक प्रो. शबाहत हुसैन ने कहा कि देश में सबसे पहले लाइब्रेरी का सर्टिफिकेट कोर्स 1951 में शुरु किया गया था। इस मौके पर डॉ.नौशाद अली, डॉ.मो.मुस्तफा आदि अन्य शिक्षक मौजूद थे।

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