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पुलिस में चेन ऑफ आर्डर और टीम भावना की कमी

Aligarh Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
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अलीगढ़। तेज तर्रार आईपीएस में शुमार सूबे के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था और अपराध अरुण कुमार ने बढ़ते अपराधों की प्रमुख वजह पुलिस में चेन ऑफ आर्डर और टीम भावना की कमी बताई है। रविवार को यहां अलीगढ़-हाथरस के थानास्तर तक के अधिकारियों की मीटिंग में उन्होंने कहा कि हर नीचे वाला ऊपर वाले का आदेश नहीं मानता, इसलिए टीम भावना में कमी आ रही है और अपराध बढ़ रहा है। हमें इस कमी को दूर करना होगा और हाईटेक पुलिसिंग के साथ-साथ पुरानी पुलिसिंग को भी जिंदा रखना होगा, तभी स्वच्छ और अपराधमुक्त समाज की दिशा में हम बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसी पुलिस अफसर को गलत सिफारिश नहीं माननी चाहिए, अगर कोई उन पर दवाब डालता है तो वह संबंधित व्यक्ति को उनका नंबर दे दें। पुलिस लाइन मनोरंजन सदन में हुई इस मीटिंग की शुरुआत परिचय से हुई और इसके बाद उन्होंने अपनी बात कहते हुए कहा कि डीजी स्तर से अगर कोई आदेश जारी होता है तो उसका पालन नहीं हो पाता, जबकि कोई भी बड़ा अधिकारी अगर आदेश देता है तो कुछ सोच-समझकर ही देता होगा। सबसे बुरा हाल थाना स्तर पर होता है। एसओ की बात न नीचे वाला मानता है और न ऊपर वाला। इसके पीछे विश्वास की कमी और टीम भावना का अभाव बड़ी वजह है। वे इसकी प्रमुख वजह स्टाफ में कुंठा भी मानते हैं। उन्होंने कहा कि सिपाही और दरोगा भरती होते हैं। मगर साहब की इच्छा के अनुसार काम न होने पर प्रमोशन के बजाय उसके खिलाफ फाइल खुल जाती है। इससे प्रमोशन लटक जाता है और वह कुंठा से ग्रसित हो जाते हैं। उन्होंने पब्लिक की बात सुनने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अगर आप सुनेंगे तो कोई नेता के पास नहीं जाएगा। खुद ही थानों और अधिकारियों के दफ्तरों में नेताओं की भीड़ कम होगी। उन्होंने कहा कि एसओ पुलिस की सबसे मजबूत कड़ी है। उसे मजबूत करना होगा, पुरानी पुलिसिंग को भी कायम रखना होगा। अधिकारियों को चाहिए कि वे एसओ की बात पर विश्वास करें, किसी की सुनकर सीधे एक्शन न लें। उन्होंने दिवाली पर फिरोजाबाद की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में जुए के खिलाफ छापेमारी न करने के निर्देश थे। बावजूद वहां कार्रवाई हुई और एक मौत पर इतना बखेड़ा हुआ। दूसरा उदाहरण दिया कि 200 पुलिसकर्मियों के सामने 50 पब्लिक के लोग उपद्रव करते रहते हैं। यह कमजोरी नहीं तो और क्या है। स्टाफ लगातार बढ़ रहा है, मगर कार्यक्षमता कम हो रही है। हमें अपनी बेसिक पुलिसिंग को ध्यान रखना है, सिर्फ जमीनी विवादों के निपटाने में नहीं उलझे रहना है। अंत में भेदभाव न करने की बात कही। एसएसपी पीयूष मोर्डिया ने मीटिंग में धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में एसएसपी के अलावा एसपी हाथरस हैप्पी गुप्तन, एसपी सिटी दयानंद मिश्रा, एसपीआरए विसर्जन सिंह यादव, एएसपी हाथरस श्रीकृष्ण, एसपी क्राइम वीके मिश्रा, एएएपी पवन कुमार के अलावा दोनों जिलों के सभी सीओ और एसओ-इंस्पेक्टर मौजूद रहे। एडीजी आगरा मथुरा से यहां आए और मीटिंग लेकर गाजियाबाद रवाना हो गए।
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