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विश्व प्रवासी पक्षी दिवस: मथुरा में आठ महीने ठहरता है प्रवासी पक्षी फ्लेमिंगो

कार्रवाई: चौकी प्रभारी ने दिखाई पंप पर दंबगई, फ्री में पेट्रोल डालने का बनाया दबाव, एसएसपी ने किया निलंबित

आगरा में थाना लोहामंडी की चौकी गोकुलपुरा के प्रभारी कपिल नैन पर जीआईसी मैदान स्थित एक पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने पंप मालिक से भी फोन पर अभद्रता की। उनकी बातचीत की ऑडियो क्लिप शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। एसएसपी ने इस मामले की जांच सीओ लोहामंडी को दी। मगर, दरोगा बयान दर्ज कराने नहीं आए। बाद में दरोगा को निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच की भी संस्तुति की गई है। 

अनंत अपार्टमेंट, विभव नगर निवासी सनी खन्ना का कान्हा फ्यूल के नाम से जीआईसी मैदान के सामने पेट्रोल पंप है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब 11 बजे चौकी प्रभारी गोकुलपुरा कपिल नैन स्विफ्ट कार से पंप पर आए। कर्मचारी बनवारी लाल और सलीम से गाड़ी में तेल डालने की कहने लगे। आरोप है कि उन्होंने रुपये नहीं देने की बात कही। इस पर कर्मचारी ने तेल नहीं देने की कहा। 

इस पर चौकी प्रभारी ने कर्मचारी की कॉलर पकड़ ली। उसका मोबाइल छीन लिया। बाद में मोबाइल वापस कर दिया। मगर, धमकी दी कि अगर पंप चलाना है तो महीने में एक बार फ्री में गाड़ी फुल करनी होगी। बाद में नशे की हालत में सिगरेट जलाने लगे। कर्मचारी के मना करने पर गालीगलौज कर दी। इसकी जानकारी पर सनी खन्ना ने चौकी प्रभारी से फोन पर बात की। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उनसे भी अभद्रता की। बाद में कुछ पुलिसकर्मियों को बुलाकर नाम नोट करके ले गए।
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एसएन: वीडियो कॉल पर ले सकते हैं डॉक्टरों से परामर्श, लॉगिन करना होगा ई-संजीवनी ओपीडी एप

एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों की सहूलियत के लिए एक और कदम उठाया है। आठ मई से मरीज मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों से वीडियो कॉल के माध्यम से घर पर रहते हुए परामर्श ले सकते हैं। इसके लिए एंड्राइड फोन में ई-संजीवनी ओपीडी (स्टे होम ओपीडी) एप डाउनलोड करनी होगी। 

एसएन मेडिकल कॉलेज में ई-संजीवनी ओपीडी की नोडल अधिकारी डॉ. कामना सिंह ने बताया कि जो मरीज कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पताल पहुंचकर इलाज नहीं कर पा रहे हैं। उनके लिए यह योजना मददगार साबित होगी। सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक ई-संजीवनी ओपीडी का संचालन किया जाएगा। अब तक टेलीमेडिसिन ओपीडी में मरीजों को संबंधित फोन नंबरों पर महज बात करने की सुविधा दी जा रही थी। अब वह वीडियो कॉल के माध्यम से ज्यादा प्रभावी तरीके से अपनी समस्या बता पाएंगे और चिकित्सक बेहतर परामर्श दे सकेंगे। 

ये प्रक्रिया अपनानी होगी
मरीजों या तीमारदारों को गूगल प्ले स्टोर पर जाकर ई-संजीवनी ओपीडी  एप को एंड्राइड फोन में अपलोड करना होगा। इसके बाद लॉगिन करना होगा। लॉगिन करते ही उस दिन जिन चिकित्सकों की ओपीडी होगी, उनकी सूची सामने आ जाएगी। रोग से संबंधित चिकित्सक के नाम पर क्लिक करने पर वीडियो कॉल का विकल्प आएगा। कॉल करने पर संबंधित चिकित्सक से बात हो जाएगी। 

जांच रिपोर्ट भी अपलोड कर सकेंगे
डॉ. कामना सिंह ने बताया कि मरीज एप पर जाकर अपनी जांच रिपोर्ट भी अपलोड कर सकेंगे। इसे देखकर चिकित्सक और बेहतर परामर्श दे सकेंगे। यही नहीं चिकित्सक से परामर्श के बाद मरीज डॉक्टर का पर्चा भी डाउनलोड कर सकेंगे।
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आगरा में कोरोना: संक्रमण की रफ्तार थमी, मरीजों की मौत का सिलसिला जारी

आगरा में कोरोना कर्फ्यू में संक्रमण की रफ्तार थम गई है। बीते सप्ताह में नए संक्रमितों का आंकड़ा चार-पांच सौ के पार पहुंच जा रहा था, अब दो-ढाई सौ के बीच थम गया है। हालांकि संक्रमितों की मौत का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शनिवार को प्रशासन के आंकड़े में चार मरीजों की मौत दर्ज हुई है। 

बीते 24 घंटे में 4707 लोगों की कोरोना जांच में 225 संक्रमित मिले हैं। 396 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। चार मरीजों की मौत से मृतकों की संख्या 296 पर पहुंच गई है। कुल मरीजों का आंकड़ा 23276 है। इनमें 20734 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। जिले में अब 2246 मरीज उपचाराधीन हैं।

इससे पूर्व शुक्रवार को 198, गुरुवार को 234, बुधवार को 205 और मंगलवार को 267 मरीज थे। इन चार दिनों में 10 मरीजों की मौत हुई। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में संक्रमण दर 2.99 फीसदी है। स्वस्थ होने की दर बढ़कर 89.09 फीसदी पर पहुंच गई है। यह 29 अप्रैल को 76.12 फीसदी थी। 
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आगरा में कोरोना वायरस आगरा में कोरोना वायरस

आगरा: बीते साल के मुकाबले इस बार अप्रैल में 12 गुना बने मृत्यु प्रमाणपत्र, 2500 से ज्यादा दाह संस्कार

सरकारी आंकड़ों में कोरोना की दूसरी लहर में मृतकों की संख्या भले कम हो, लेकिन आगरा में मृतकों की संख्या बीते साल से 12 गुना है। बीते साल अप्रैल के महीने में केवल 86 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, लेकिन इस बार अप्रैल में 995 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। नगर निगम स्थित जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कार्यालय पर हर दिन 35 से ज्यादा लोग मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि बीते साल अप्रैल में महज 3 से 4 लोग ही पहुंच रहे थे। 

आगरा के श्मशान घाटों पर 2500 से ज्यादा दाह संस्कार अप्रैल के माह में हुए हैं, जिनमें से ताजगंज मोक्षधाम पर ही 1700 से ज्यादा हुए हैं। इनमें से 995 मृतकों के मृत्यु प्रमाणपत्र बन चुके हैं। पार्षद रवि बिहारी माथुर के मुताबिक इस बार कोविड मरीजों की मृत्यु के साथ कई परिवार ऐसे हैं, जिनके घरों में परिजन कोरोना संक्रमित हैं। 

इसलिए मृत्यु प्रमाणपत्र का आवेदन भी मई में करेंगे। मसलन, 15 अप्रैल के बाद जिनकी मृत्यु हुई है, उनके परिजन संक्रमण दूर हो जाने के बाद मई के दूसरे पखवाड़े में ही आवेदन कर सकेंगे। हालांकि इस बार मृत्यु प्रमाणपत्र की संख्या बीते साल से 12 गुना ज्यादा है। 
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आगरा: गलत तथ्यों के साथ वायरल किया गया वीडियो, जांच में सामने आया सच, डीएम ने दी नसीहत

आगरा में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग पुलिस के सामने ऑक्सीजन सिलिंडर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। पीपीई किट पहने एक युवक गिड़गिड़ा रहा है। वीडियो के आधार पर पुलिसकर्मियों पर ऑक्सीजन सिलिंडर छीनने का आरोप लगा था। मजिस्ट्रियल जांच में यह आरोप गलत साबित हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे वीडियो वायरल करने वालों को नसीहत दी है। 

28 अप्रैल को वायरल हुआ वीडियो उपाध्याय अस्पताल के बाहर का है। वीडियो वायरल होने के बाद एडीजी राजीव कृष्ण ने जांच के निर्देश दिए थे। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद इसकी जांच कर रहे हैं। इधर, जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने भी इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने अपने ट्विटर हैंडल पर जांच रिपोर्ट साझा की। जिसके अनुसार यह वीडियो गलत तथ्यों के साथ प्रसारित किया गया था।

26 अप्रैल की रात का है वीडियो 
जांच रिपोर्ट के अनुसार उपाध्याय अस्पताल के बाहर पुलिस के सामने गिड़गिड़ाता युवक अंश गोयल है। उपाध्याय अस्पताल में अंश की मां ऊषा गोयल भर्ती थीं। 26 अप्रैल की रात उनका ऑक्सीजन स्तर घट रहा था। अंश ने एंबुलेंस चालक की मदद से ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था कर ली, लेकिन रेगुलेटर नहीं मिला। इसके लिए वह वहां खड़े पुलिसकर्मियों से व्यवस्था कराने के लिए कह रहा था। इसी दौरान उसके पास दो युवक खाली सिलिंडर भरवाने के लिए ले जा रहे थे।
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कासगंज में ऑक्सीजन किल्लत: 32 सिलिंडर लेकर अलीगढ़ गई गाड़ी, सिर्फ 10 लेकर लौटी

वीडियो से ली गई तस्वीर
ऑक्सीजन की किल्लत से कासगंज जिला भी जूझ रहा है, लेकिन अलीगढ़ मंडल के अधिकारी अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। ऑक्सीजन लेने के लिए जाने वाली गाड़ियां ही वापस आ रही हैं। कासगंज जिला अलीगढ़ मंडल के अधीन आता है। इसके बावजूद कासगंज में ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर अलीगढ़ जिला प्रशासन के अधिकारी गंभीर नहीं है।

तीन दिन पहले भी मिशन अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट पैदा हुआ था। स्वास्थ विभाग की टीम गाड़ी में ऑक्सीजन के 32 खाली सिलिंडर लेकर अलीगढ़ रवाना की गई थी, लेकिन 10 सिलिंडर लेकर ही गाड़ी लौटकर आई। जिले के अधिकारियों से बात करने के बाद भी पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। 

अलीगढ़ से पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने से स्वास्थ विभाग के अधिकारी परेशान और चितिंत हैं। उनका कहना है कि जिले में कभी भी ऑक्सीजन खत्म हो सकती है। लोगों ने इस संबंध में ट्विटर पर भी ट्वीट किया है लेकिन ट्विटर पर की जा रही है शिकायतों का भी कोई असर नहीं हो रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने से दिक्कत हो रही है। 32 सिलिंडर लेने गाड़ी अलीगढ़ गई थी, केवल 10 सिलिंडर ही मिले हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर और नहीं मिले तो दिक्कत होगी। जिले में ऑक्सीजन संकट पैदा न हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 
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#LadengeCoronaSe: संकट की घड़ी में उठे सराहनीय कदम, किसी ने दान किया प्लाज्मा तो कोई बांट रहा भोजन

आगरा में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष राकेश गर्ग ने शुक्रवार को लोकहितम् ब्लड बैंक में प्लाज्मा दान किया। राकेश गर्ग संक्रमित होने के बाद 21 दिन तक घर में आइसोलेट रहे थे। उन्होंने बताया कि निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने प्लाज्मा दान करने का फैसला किया, जिसे अन्य संक्रमित मरीजों के इलाज में मदद मिल सके। ब्लड बैंक के निदेशक अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि राकेश गर्ग ने उन लोगों से भी प्लाज्मा दान करने का आग्रह किया है जो कोरोना वायरस से उबर चुके हैं।

सभी के लिए खोला दादाबाड़ी का होम क्वारंटीन सेंटर
आगरा विकास मंच की ओर से वर्धमान महावीर स्वामी जैन मंदिर, दादाबाड़ी, शाहगंज में बनाया गया होम क्वारंटाइन सेंटर सभी के लिए खोल दिया गया है। अब अकेले रहने वाले बुजुर्ग या फिर जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, चाहे वह किसी भी वर्ग या धर्म का हो, यहां दाखिल हो सकता है। सेंटर में योग शुरू किया गया है, जिससे मरीजों के ऑक्सीजन स्तर को जल्दी ठीक किया जा सके। श्रीसंघ के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने बताया कि शुक्रवार को तीन लोग आए। दो भर्ती किए गए। एक को अस्पताल भेजा गया। 

सेंटा क्लॉज बनकर मरीजों को बांटी चॉकलेट 
रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को शुक्रवार को खुशी की खुराक दी गई। श्री जगन्नाथ मंदिर, इस्कॉन आगरा के फूड फॉर लाइफ इस्कॉन आगरा चैप्टर ने भोजन अन्नामृत सेवा के तहत मरीजों के लिए प्रसाद भेजा। अध्यक्ष अरविंद स्वरूप दास प्रभु और समन्वयक संजीव मित्तल, शैलेंद्र अग्रवाल और अंशु मित्तल ने स्टॉफ के माध्यम से यह मरीजों को वितरित किया। 

वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. रेणुका डंग और संजय डंग ने मरीजों के लिए चॉकलेट भेजीं। गुरुद्वारा गुरु का ताल के गदका विशेषज्ञ गुरनाम सिंह, रेनबो हॉस्पिटल की प्रमुख डॉ. जयदीप मल्होत्रा, निदेशक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा की उपस्थिति में स्टॉफ ने सेंटा क्लॉज बनकर चॉकलेट मरीजों को बांटीं। 
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आगरा: नियुक्ति के छह महीने बाद भी शिक्षकों को वेतन मिलने का इंतजार

आगरा जिले के परिषदीय बेसिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्ति पाने 732 शिक्षकों में से 50 फीसदी से अधिक शिक्षकों को अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। जबकि नियुक्ति हुए छह माह से अधिक समय हो गया है। शिक्षक परेशान हैं। कुछ शिक्षक या फिर उनके घर वाले कोरोना संक्रमण की चपेट में इलाज के लिए रुपये की जरूरत पड़ रही है। 

अभी तक जिले में नियुक्त सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं हो पाया है। 15 मई तक सभी राज्य विश्वविद्यालय पूरी तरह बंद हैं। कोई काम नहीं हो रहा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि छह माह बाद भी वेतन न मिलने से शिक्षक मानसिक तनाव में हैं। विभाग को इनकी समस्या को समझते हुए जल्द से जल्द वेतन जारी कराना चाहिए।

बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव का कहना है कि 732 में से करीब 400 शिक्षकों को वेतन जारी करने का आदेश उनके स्तर से जारी किया जा चुका है। इसमें 250 की सूची सार्वजनिक की चुकी है, जिन 150 शिक्षकों के वेतन जारी करने के आदेश बाद में जारी किया गया, उनकी सूची भी एक-दो दिन में जारी कर दी जाएगी। आदेश के अनुरूप वेतन जारी किए जाने की समीक्षा की जाएगी। जिनका सत्यापन रह गया है, उनकी रिपोर्ट शसन को भेजी जा रही है।    
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आगरा में कोरोना: 200 से नीचे आया नए संक्रमितों का आंकड़ा, 24 घंटे में तीन मरीजों की मौत

आगरा में कोरोना संक्रमण के नए मरीजों के आंकड़े में एक बार फिर कमी आई है। शुक्रवार को नए मरीजों का आंकड़ा 200 के नीचे पहुंच गया। बीते 24 घंटे में 198 संक्रमित मिले हैं। जबकि तीन मरीजों की मौत हो गई। इससे मृतकों की संख्या 292 हो गई। गुरुवार को 234 संक्रमित मिले थे। चार मरीजों ने दम तोड़ा था। 

प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे में 4612 लोगों की कोरोना जांच हुई। इनमें 198 लोग पॉजिटिव मिले हैं। 515 मरीज ठीक भी हुए हैं। जिले में अब सक्रिय मरीजों की संख्या 2421 है। जबकि कुल संक्रमितों का आंकड़ा 23051 हो गया है। इनमें 20338 लोग ठीक हो गए हैं। स्वस्थ होने की दर 88.23 फीसदी है। 

जांच: 32785 लोगों की स्क्रीनिंग, 92 संदिग्ध मरीज मिले 
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। कोरोना के संदिग्ध मरीज खोजे जा रहे हैं। शुक्रवार को 92 संदिग्ध मरीज तलाशे गए। इनकी जांच कराई गई है। 

स्वास्थ्य विभाग की 210 टीमों ने 7265 घरों में सर्वे किया
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय की निगरानी में पांच दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। तीसरे दिन शुक्रवार को 210 टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जांच के लिए पहुंचीं। 7,265 घरों में कुल 32,785 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें से 92 संदिग्ध पाए गए। जांच कराने के साथ जरूरत के अनुसार दवाएं दी गईं। टीमें लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय और रोग के पुराने व नए लक्षण की जानकारी दे रही हैं। कोरोना के लक्षण वाले जिन व्यक्तियों की पहचान की जा रही है, उनकी सूची बनाकर पास के जांच केंद्र पर भेजी जा रही है।

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अव्यवस्था: कोविड वार्ड में बेड को भटकती रहीं जसराना विधायक की पत्नी, डीएम ने एसएन में कराया था भर्ती

आगरा में फिरोजाबाद के जसराना से भाजपा विधायक राम गोपाल लोधी की पत्नी को शुक्रवार को एसएन कोविड वार्ड में भर्ती होने के बाद दो घंटे तक बेड नहीं मिला। विधायक फिरोजाबाद अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि उनकी पत्नी को डीएम प्रभु एन सिंह के कहने पर एसएन में भर्ती किया गया था।

विधायक व उनकी पत्नी दोनों संक्रमित हैं। शुक्रवार रात विधायक प्रतिनिधि अभिषेक राजपूत विधायक की पत्नी संध्या लोधी को भर्ती कराने के लिए अस्पतालों में भटकता रहा। डीएम प्रभु एन सिंह से वार्ता के बाद उन्हें एसएस इमरजेंसी से कोविड वार्ड में शिफ्ट किया। यहां दो घंटे तक उन्हें बेड नहीं मिला। अभिषेक ने बताया कि कोविड वार्ड के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भगा दिया। विधायक की पत्नी को बेड नहीं मिलने से उनकी हालत बिगड़ गई। रात 12 बजे उन्हें डीएम के दोबारा हस्तक्षेप पर बेड मिल सका।
आमजन का क्या होगा
जब विधायक के परिजनों को समय से उपचार नहीं मिल रहा तो सवाल खड़ा होता है कि आमजन को उपचार के लिए क्या-क्या तकलीफ उठानी पड़ रही हैं। डीएम के आदेश के बाद भी एसएन स्टाफ ने तत्परता नहीं दिखाई।

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