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यूपी: राज्यपाल ने विवि को दी सलाह, पांच गांव गोद लें और महिलाओं को बनाएं सशक्त, लिज्जत पापड़ की कहानी बताई

अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 22 Dec 2021 12:04 AM IST

सार

राज्यपाल ने बताया कि गुजरात में आठ महिलाओं ने 80 रुपये लेकर लिज्जत पापड़ का कार्य शुरू किया था और आज लिज्जत पापड़ से 80 हजार महिलाएं जुड़ी हैं।
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा में डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वह अच्छे इंसान बनें। समाज की सेवा करें। विवि अधिकारियों से कहा कि पांच गांव गोद लें और उनमें महिलाओं को सशक्त करने के कदम उठाएं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ऐसे किसी सभागार में बुलाकर उनकी बात सुनें कि वह क्या काम कर रही हैं और कैसे उन्होंने बदलाव की बुनियाद डाली। उनके सामने आ रही समस्याओं को दूर करें।
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुजरात के बलसाड जिले से शुरू हुए लिज्जत पापड़ की कहानी सामने रखी कि कैसे आठ महिलाओं ने 80 रुपये लेकर लिज्जत पापड़ शुरू किया और अब लिज्जत पापड़ से 80 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। ऐसे प्रयास आगरा, उत्तर प्रदेश की महिलाएं कर रही हैं। विवि उन्हें प्रोत्साहित करे, आगे बढ़ाएं। गांव की महिलाएं ऑनलाइन कारोबार कर रही हैं। छात्र तकनीकी रूप से मोबाइल एप के जरिए उनकी मदद करें।


यमुना को स्वच्छ करें, पौधे लगाएं
राज्यपाल ने कहा कि नदियां निर्मल हो इसके लिए विश्वविद्यालय प्रयास करें। यमुना नदी की अनदेखी की जा रही है। कम से कम अपनी यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए एक दिन जाकर सफाई करें और पौधे लगाएं। हर महीने एक कार्यक्रम ऐसा किया जाए। यमुना अच्छी होगी तो यहां आने वाले लाखों पर्यटक भी प्रसन्न होंगे। 
 

समाज की बेहतरी के लिए योगदान दें
राज्यपाल ने छात्रों से आह्वान किया कि वह अपनी विदाई के साथ समाज की बेहतरी के लिए योगदान देंगे। सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत विश्वविद्यालय एक-एक गांव गोद लेकर आर्थिक विकास में अपना योगदान दें। महिला विकास, टीबी, स्वच्छता समेत मुद्दों को पाठ्यक्रम में शामिल करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल भाव भी यही है। जो समाज को बदलाव लाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध कार्य ना होने पर चिंता जताई।
इन पर रहा राज्यपाल का जोर 
- गांव गोद लेकर आर्थिक विकास में सहयोग दें 
- स्वच्छता, महिला विकास पाठ्यक्रम में शामिल करें 
- शिक्षकों से ज्यादा तकनीकी ज्ञान छात्रों में है 
- समितियों में पांच शिक्षक तो दो छात्र भी शामिल करें 
- माह में एक दिन नदियों की सफाई करें, पौधे लगाएं 
- टेक्नोलोजी का उपयोग करें, डिजीलॉकर बनाएं 
- विश्वविद्यालय डिग्रियों को ऑनलाइन जारी करें 
- ग्राम प्रधानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दें 
- एनएसएस के छात्रों को 5-5 के ग्रुप में गांव भेजें 
- स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से बात करें 
- विवि में हैपीनेस सेंटर बनाएं, छात्र-शिक्षक आपस में बात करें
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