साइबर अपराध: पुलिस पेंशनर के खाते से रकम निकालकर भरा 71 हजार का बिजली बिल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 20 Dec 2020 05:09 PM IST
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आगरा में ट्रेजरी अफसर बनकर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के खातों से रकम निकालने वाला गिरोह झारखंड और बिहार का है। गिरोह ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के खाते से रकम निकालने के बाद ई-वालेट से पंजाब के अंबाला और राजस्थान के जयपुर में 71 हजार रुपये का बिल बिजली कंपनी को अदा किया है। अब पुलिस यह पता करने में लगी है कि बिल किसने अदा करवाया? 
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साइबर अपराधियों ने पिछले दिनों ट्रेजरी अफसर बनकर अग्निशमन विभाग के सेवानिवृत्त दरोगा के खाते से 26 लाख रुपये निकाल लिए थे। वह फिरोजाबाद के रहने वाले हैं। इसी तरह आगरा के सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल प्रमोटी (एचसीपी) के खाते से 96 हजार रुपये निकाले गए। वहीं अमेठी और फतेहपुर के सेवानिवृत्त कर्मियों के खातों में भी इसी तरह सेंध लगाई गई। 



साइबर सेल की टीम इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने दो खातों और एक ई वॉलेट की जानकारी ली थी। दोनों खाते झारखंड की बैंक के हैं। बैंक खातों और ई वालेट से कुछ ई वालेट और खातों में रकम भेजी गई है। इनमें कुछ झारखंड और कुछ बिहार के हैं। 

साइबर सेल की जांच में पता चला है कि गैंग ने एचसीपी के खाते से रकम निकालने के बाद ई वालेट में ट्रांसफर की। इसके बाद इस ई वालेट से ही पंजाब के अंबाला में 30 हजार रुपये और राजस्थान के जयपुर में 41 हजार रुपये के बिजली बिल अदा किए। 

पुलिस को यह पता चल गया है कि बिजली बिल धारक कौन हैं। अब पुलिस बिजली बिल जमा कराने वालों के बारे में पता कर रही है। आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि पुलिस पेंशनर के खातों से रकम निकालने के बाद साइबर अपराधियों ने कुछ बिल अदा किए हैं। इस बारे में जानकारी मिली है। 

डाटा चोरी करने वालों की भी पड़ताल 
पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का डाटा साइबर अपराधियों के पास कैसे पहुंचा? यह अभी सवाल ही बना हुआ है। पुलिस की एक टीम यह पता करने में लगी है कि कर्मचारियों की जानकारी पुलिस ऑफिस से ही मिल सकती है। ऐसे में यह डाटा किसने कहां से लिया? पता किया जा रहा है। 

सेवानिवृत्ति से पहले देंगे जानकारी 
एडीजी अजय आनंद ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को छह महीने पहले ही साइबर अपराध से बचने के बारे में बताया जाए। उन्होंने इस तरह के फोन कॉल आने पर बैंक खाते और एटीएम कार्ड के बारे में जानकारी नहीं देने के लिए कहा है।
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