दरियावगंज से मेड़ू तक 120 मिनट में पहुंची सीआरएस की इलेक्ट्रिक ट्रेन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 14 May 2019 07:37 PM IST
संरक्षा आयुक्त ने किया विशेष गाड़ी से ट्रैक का परीक्षण
संरक्षा आयुक्त ने किया विशेष गाड़ी से ट्रैक का परीक्षण - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज-मथुरा-कानपुर रेल लाइन पर विद्युतीकरण कार्य का संरक्षा आयुक्त ने गहनता से निरीक्षण किया। विशेष निरीक्षण ट्रेन को दरियावगंज और मेड़ू के बीच दौड़ाया गया। 108 किलोमीटर की दूरी 120 मिनट में तय की गई। यह गाड़ी 115 से 118 किलोमीटर की गति पर दौड़ी। इस दौरान किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आया।
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मध्य एवं पूर्वोत्तर परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त अरविंद कुमार जैन इज्जतनगर मंडल के रेल अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। मथुरा रेल लाइन के मेडू़ स्टेशन से डीजल इंजन ट्रेन से निरीक्षण शुरू किया। रास्ते में जगह-जगह स्टेशनों का निरीक्षण कर वह दोपहर 11 बजे कासगंज जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां उन्होंने स्टेशन कार्यालय का निरीक्षण किया। 


मंगलवार दोपहर सवा बजे दरियावगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से उन्होंने इलेक्ट्रिक ट्रेन से गति परीक्षण शुरू किया। दोपहर 1:45 बजे सीआरएस की ट्रेन ने दरियावगंज स्टेशन से रफ्तार भरी। 115 से 118 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रैक पर गति परीक्षण किया गया। इलेक्ट्रिक ट्रेन ने दरियावगंज से मेड़ू स्टेशन तक 108 किलोमीटर की दूरी 120 मिनट में तय की। 

संरक्षा आयुक्त ट्रैक का निरीक्षण करते हुए
संरक्षा आयुक्त ट्रैक का निरीक्षण करते हुए - फोटो : अमर उजाला
सीआरएस ने सबसे पहले मेड़ू से मथुरा तक गति परीक्षण किया। मंगलवार को दरियावगंज से मेड़ू स्टेशन तक इलेक्ट्रिक ट्रेन से गति का परीक्षण कर लिया गया। हालांकि दरियावगंज से कानपुर ट्रैक तक अभी सीआरएस के निरीक्षण की तिथि तय नहीं है। ऐसे में अभी कासगंज-कानपुर के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन में सफर के लिए इंतजार करना होगा।

यह है व्यवस्था
किसी भी नई लाइन या विद्युतीकृत लाइन पर परिचालन शुरू कराने से पहले सीआरएस ओके की रिपोर्ट देते हैं। इनके निरीक्षण के बिना परिचालन संभव नहीं होता। सीआरएस मथुरा-मेड़ू ट्रैक के निरीक्षण की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को दे चुके हैं।

आंकड़े की नजर से-
- 432.99 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है विद्युतीकरण का काम।
- 2016-17 के बजट में कार्य की हुई थी स्वीकृति।
- 338 किलोमीटर रेल ट्रैक हुआ है विद्युतीकृत।
- 156 किलोमीटर ट्रैक पर अब तक गति परीक्षण कर चुके सीआरएस।
 

सीआरएस अरविंद कुमार के जैन के साथ गोरखपुर मुख्यालय के मुख्य विद्युत इंजीनियर बेचू राय, सिग्नल इंजीनियर एसएन शाह, महाप्रबंधक इरकॉन आशुतोष पंत, इज्जनगर मंडल के रेल प्रबंधक दिनेश कुमार, आशुतोष मिश्रा, एके सिंह, जीपीएस नरायन, सुमित गर्ग, अनूप कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, अमिताभ आदि मौजूद रहे।
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