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डेंगू ने बढ़ाया खर्चा: मच्छर मारने के लिए रोज 5.50 करोड़ रुपये खर्च कर रहे आगरा के लोग

अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 26 Oct 2021 02:27 PM IST
सार

डेंगू के डंक ने सभी को परेशान कर दिया है। बच्चों पर इसकी मार अधिक पड़ रही है। देहात ही नहीं, शहर में भी मासूमों की मौत ने सभी को हिला कर रख दिया है। परिवार को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए बाजार में मच्छर मारने के उत्पादों की जबरदस्त सेल हुई है।

जलभराव पर मच्छर (फाइल)
जलभराव पर मच्छर (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा के लोग हर दिन मच्छर मारने में करीब 5.50 करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं। यह आंकड़े हमारे नहीं, फार्मा एसोसिएशन से जुड़े दवा के थोक व फुटकर व्यापारियों के हैं। बीते एक महीने के दौरान 150-200 करोड़ रुपये तक के मच्छर मारने के उत्पाद बाजार में खप चुके हैं और अभी भी मांग बनी हुई है। पिछले साल यह आंकड़ा 60 करोड़ रुपये की बिक्री का था। 



ताजनगरी में परिवार को डेंगू से बचाने के लिए बाजार में मच्छर मारने के उत्पादों की जबरदस्त सेल हुई है। फार्मा एसोसिएशन के अनुसार पिछले एक महीने के दौरान ही यह आंकड़ा करीब पौने 200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बाजार में अभी भी मांग बनी हुई है।


तीन गुना बढ़ी बिक्री 
आगरा फार्मा एसोसिएशन के प्रवक्ता पुनीत कालरा ने बताया कि पिछले साल की बात करें तो एक महीने के दौरान मच्छर मारने के उत्पादों की बिक्री का आंकड़ा करीब 60 करोड़ था, जो अब तीन गुना तक पहुंच गया है। लोग अपने परिवार को बचाने के लिए हर जतन कर रहे हैं। 

मोहल्ले की दुकान से लेकर होलसेल शॉप के दरवाजे पर भी दस्तक दे रहे हैं। अपनी जान-पहचान के एमआर से संपर्क कर कुछ डिस्काउंट में भी माल प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। मांग इतनी अधिक हो गई है कि इन दिनों सप्लाई भी पूरी नहीं पड़ रही। 

नए उत्पादों की पूरी रेंज 
मच्छर मारने की परंपरागत मॉस्कीटो कॉयल, क्रीम व लिक्विड के अलावा बाजार में हर्बल अगरबत्तियां, स्टिक, स्प्रे, फैब्रिक रोल ऑन की मांग बहुत है। बच्चों के लिए कार्टून करेक्टर वाले उत्पाद भी कंपनियों ने बाजार में उतार दिए हैं। 

तीन करोड़ सालाना नगर निगम का खर्चा
नगर निगम के आंकड़ों की बात करें तो फॉगिंग पर प्रतिदिन 8.65 लाख रुपये का खर्चा होता है। जिसमें सिर्फ 21 हजार रुपये की दवा और 8.44 लाख रुपये का डीजल शामिल है। महीने में करीब 26 लाख रुपये और साल का डीजल और दवा का खर्चा मिला कर 3.12 करोड़ रुपये का बजट खर्च होता है।

बहुत ज्यादा है मांग 
आगरा फार्मा एसोसिएशन के संरक्षक शशि शंकर शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार मच्छर मारने के सभी उत्पादों की मांग बहुत अधिक है। थोक की दुकानों पर भी माल की कमी बनी हुई है। कंपनियों से भी लगातार संपर्क में हैं। 
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