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Police Commissionerate: अंग्रेजी हुकूमत देखी... अब पुलिस कमिश्नरेट की गवाह बनेगी आगरा कोतवाली

आशीष शर्मा, अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 27 Nov 2022 02:40 PM IST
सार

पुराने शहर में 177 साल पहले कोतवाली थाना बना था, तभ 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। 177 साल में कोतवाली ने काफी कुछ बदलाव देखा। अब पुलिस कमिश्नरेट की गवाह बनने जा रही है।  
 

थाना कोतवाली, आगरा
थाना कोतवाली, आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा के पुराने शहर ताजनगरी में 177 साल पहले बनी कोतवाली ने अंग्रेजी हुकूमत का वक्त देखा। उनके हर कामकाज की गवाह रही। तब यहां 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। कोतवाल पर व्यापारियों के धन को जमा कर उसकी सुरक्षा करने के साथ क्षेत्र में अपराध रोकने तक की जिम्मेदारी थी। बदलते वक्त के साथ इसमें भी बदलाव हुआ। कई थाने, पुलिस चौकियां बनीं, उनके स्वरूप बदले। अब यह कोतवाली पुलिस कमिश्नरेट की भी गवाह बनने जा रही है। एक बार फिर इसके कामकाज, संसाधन और रुतबे में बदलाव दिखने वाला है। 


 
इतिहासकार और पुलिस के रिकॉर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक, कोतवाली 1845 में बनी थी। यह पुराने शहर में थी। फुव्वारा ताजमहल के नजदीक है। अंग्रेजी हुकूमत के समय भी ही यहां जौहरी बाजार, किनारी बाजार, सेठ गली, लुहार गली, रावतपाड़ा हुआ करते थे। व्यापारियों की आवाजाही ज्यादा थी। उनसे टैक्स भी लिया जाता था। उनकी धनराशि को रखने के लिए कोतवाली में व्यवस्था की जाती थी। उसकी बकायदा सुरक्षा होती थी। यही वजह थी कि यहां अन्य थानों से अधिक पुलिसकर्मी थे। 


आगरा कोतवाली में वर्ष 1905 में दो दरोगा, नौ हेड कांस्टेबल और 107 कांस्टेबल तैनात थे। यह जिले के 31 थानों से सबसे ज्यादा थे। तब आगरा और फिरोजाबाद भी एक ही हुआ करता था। अब कोतवाली की सूरत फिर बदली जा रही है। थाना कार्यालय नया बन गया है। बैरक भी बनवा दी गई है। कमिश्नरेट लागू होने के बाद फिर बदलाव की उम्मीद है।

तब थाने, अब चौकी

आगरा में 31 थाने 1905 तक हुआ करते थे। इनमें अहारन, रुनकता भी थाने थे। मगर, अब यह चौकी हैं। अहारन चौकी बरहन क्षेत्र में आती है। इसका सर्किल एत्मादपुर है। वहीं रुनकता की जगह सिकंदरा बन गया। रुनकता रिपोर्टिंग चौकी है। इसे थाना बनाने का प्रस्ताव है।

घोड़े पर होती थी गश्त

मंटोला के रहने वाले डा. शिराज कुरैशी बताते हैं कि अंग्रजी शासन में घुड़सवार पुलिस की संख्या अधिक थी। पुलिसकर्मी गश्त घोड़ों से ही करती थी। अब घुड़सवार पुलिस कम हो गई। इनकी जगह बाइक और कार आ गईं।

आगरा में 75वें एसपी-डीआईजी के बाद कमिश्नर

आगरा में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू हो गई है। देश आजाद होने के बाद अगर आगरा में पुलिस कप्तान की बात करें तो 75 की तैनाती हो चुकी है। इनमें एसपी, एसएसपी और डीआईजी स्तर के अधिकारी रहे हैं। वर्ष 1952 में एचके कार एसएसपी बने थे। वह वर्ष 1954 तक रहे। उनके बाद एमसी त्यागी आए। वह वर्ष 1955 तक रहे। बसपा शासन में डीआईजी तैनात किए गए। इनमें प्रेम प्रकाश वर्ष 2009 में चार महीने रहे। वर्तमान में एसएसपी प्रभाकर चौधरी हैं। उन्होंने 28 जून 2022 को चार्ज लिया था। अब पुलिस कमिश्नर की तैनाती होगी।
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