सेप्टिक की जांच आठ घंटे में

Agra Updated Fri, 24 Jan 2014 05:42 AM IST
आगरा। चोट का सही समय पर उपचार न होने पर उसमें मवाद बनते देर नहीं लगती। यह स्थित रहने पर मरीज के सेप्टीसीमिया हो जाता है। उपचार न होने पर रोगी की मौत तक हो जाती है। अब इसकी जांच एसएन मेडिकल कालेज में बैकटैक मशीन से हो सकेगी। गुरुवार को अत्याधुनिक मशीन बैकटैक मशीन का उद्घाटन जालमा कुष्ठ रोग संस्थान के निदेशक डा. श्रीकांत त्रिपाठी ने किया। एसएन के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में इस मशीन को स्थापित किया गया है।
विभाग के प्रमुख डा. अंकुर गोयल ने बताया कि सेप्टीसीमिया के मरीज वह होते हैं, जिनके रक्त में इन्फेक्शन हो जाता है। बेकटेक मशीन से आठ घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। जांच की कीमत तीन सौ रुपये है। प्रदेश में यह पहला मेडिकल कालेज है, जहां इस मशीन को लगाया गया है।
क्लीनीशियन और माइक्रो बायोलॉजी में संवाद जरूरी
एसएन मेडिकल कालेज में गुरुवार को ‘सेप्टीसीमिया इन माइक्रो बायोलॉजी’ विषय पर सेमिनार हुई। जालमा के निदेशक डा. श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि सेप्टीसीमिया की जो जांच हो रही है, उसके लिए क्लीनीशियन और माइक्रो बायोलॉजी में संवाद जरूरी है। एसआईसी डा. हिमांशु यादव, माइक्रो बायोलॉजी के पूर्व हेड डा. बीएम अग्रवाल, पैथोलॉजी हेड डा. अतुल गुप्ता आदि मौजूद रहे।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा, कोर्ट ने 5 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: ‘पद्मावत’ पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर दिख रहा है!

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद ‘पद्मावत’ पर हो- हल्ला हो रहा है। ऐसे ही विरोध की तस्वीरें दिखाई दी हैं उत्तर प्रदेश के आगरा,सहारनपुर और हापुड़ में जहां पद्मावत का जबरदस्त विरोध हुआ।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls